12 नवंबर 2026 को मेरठ का चौघड़िया

गुरुवार, 12 नवंबर 2026, मेरठ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 12 नवंबर 2026 को मेरठ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (18:09 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (14:19 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:39 पर और सूर्यास्त 17:26 पर है। राहुकाल 13:23 से 14:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:39 – 17:26
रात 06:40 तक
तिथि
तृतीया, 18:09 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 14:19 तक
मूल
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:39 – 08:00शुभ
रोग08:00 – 09:21टालें
उद्वेग09:21 – 10:42टालें
चर10:42 – 12:03सामान्य
लाभ12:03 – 13:23शुभ
अमृत13:23 – 14:44शुभ
काल14:44 – 16:05टालें
शुभ16:05 – 17:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:26 – 19:05शुभ
चर19:05 – 20:45सामान्य
रोग20:45 – 22:24टालें
काल22:24 – 00:03टालें
लाभ00:03 – 01:42शुभ
उद्वेग01:42 – 03:22टालें
शुभ03:22 – 05:01शुभ
अमृत05:01 – 06:40शुभ

12 नवंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 18:09 तक
शुक्ल चतुर्थी 20:43, 13 नव॰ तक
नक्षत्र
मूल 17:17, 13 नव॰ तक
योग
सुकर्मा 04:26, 13 नव॰ तक
धृति 05:23, 14 नव॰ तक
करण
गर 18:09 तक
वणिज 07:24, 13 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:39
सूर्यास्त
17:26
चंद्रोदय
09:24
चंद्रास्त
19:29
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:46
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
13:23 – 14:44
यमगंड
06:39 – 08:00
गुलिक काल
09:21 – 10:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3907:33दिन
मंगल07:3308:27दिन
सूर्य08:2709:21दिन
शुक्र09:2110:15दिन
बुध10:1511:09दिन
चंद्र11:0912:03दिन
शनि12:0312:57दिन
गुरु12:5713:50दिन
मंगल13:5014:44दिन
सूर्य14:4415:38दिन
शुक्र15:3816:32दिन
बुध16:3217:26दिन
चंद्र17:2618:32रात
शनि18:3219:38रात
गुरु19:3820:45रात
मंगल20:4521:51रात
सूर्य21:5122:57रात
शुक्र22:5700:03रात
बुध00:0301:09रात
चंद्र01:0902:15रात
शनि02:1503:22रात
गुरु03:2204:28रात
मंगल04:2805:34रात
सूर्य05:3406:40रात

अयनांश 24.2323° (लाहिड़ी)। समय मेरठ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।