18 अप्रैल 2025 को मुंबई का चौघड़िया

शुक्रवार, 18 अप्रैल 2025, मुंबई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 18 अप्रैल 2025 को मुंबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (17:07 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (08:21 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 18:56 पर है। राहुकाल 11:03 से 12:37 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 18:56
रात 06:18 तक
तिथि
पंचमी, 17:07 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:19 – 07:53सामान्य
लाभ07:53 – 09:28शुभ
अमृत09:28 – 11:03शुभ
काल11:03 – 12:37टालें
शुभ12:37 – 14:12शुभ
रोग14:12 – 15:47टालें
उद्वेग15:47 – 17:22टालें
चर17:22 – 18:56सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:56 – 20:21टालें
काल20:21 – 21:47टालें
लाभ21:47 – 23:12शुभ
उद्वेग23:12 – 00:37टालें
शुभ00:37 – 02:02शुभ
अमृत02:02 – 03:27शुभ
चर03:27 – 04:53सामान्य
रोग04:53 – 06:18टालें

18 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 17:07 तक
कृष्ण षष्ठी 18:22, 19 अप्रैल तक
नक्षत्र
मूल 10:21, 19 अप्रैल तक
योग
परिघअशुभ 01:03, 19 अप्रैल तक
शिव 00:52, 20 अप्रैल तक
करण
तैतिल 17:07 तक
गर 05:49, 19 अप्रैल तक
वणिज 18:22, 19 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
18:56
चंद्रोदय
23:43
चंद्रास्त
09:45
दिनमान
12h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
12:12 – 13:03

अशुभ समय

राहुकाल
11:03 – 12:37
यमगंड
15:47 – 17:22
गुलिक काल
07:53 – 09:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1907:22दिन
बुध07:2208:25दिन
चंद्र08:2509:28दिन
शनि09:2810:31दिन
गुरु10:3111:34दिन
मंगल11:3412:37दिन
सूर्य12:3713:41दिन
शुक्र13:4114:44दिन
बुध14:4415:47दिन
चंद्र15:4716:50दिन
शनि16:5017:53दिन
गुरु17:5318:56दिन
मंगल18:5619:53रात
सूर्य19:5320:50रात
शुक्र20:5021:47रात
बुध21:4722:43रात
चंद्र22:4323:40रात
शनि23:4000:37रात
गुरु00:3701:34रात
मंगल01:3402:31रात
सूर्य02:3103:27रात
शुक्र03:2704:24रात
बुध04:2405:21रात
चंद्र05:2106:18रात

अयनांश 24.2104° (लाहिड़ी)। समय मुंबई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।