23 मई 2025 को मुंबई का चौघड़िया

शुक्रवार, 23 मई 2025, मुंबई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 23 मई 2025 को मुंबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (22:30 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (16:02 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 19:09 पर है। राहुकाल 10:56 से 12:35 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 19:09
रात 06:01 तक
तिथि
एकादशी, 22:30 तक
द्वादशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 16:02 तक
रेवती
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 मई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:01 – 07:40सामान्य
लाभ07:40 – 09:18शुभ
अमृत09:18 – 10:56शुभ
काल10:56 – 12:35टालें
शुभ12:35 – 14:13शुभ
रोग14:13 – 15:52टालें
उद्वेग15:52 – 17:30टालें
चर17:30 – 19:09सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:09 – 20:30टालें
काल20:30 – 21:52टालें
लाभ21:52 – 23:13शुभ
उद्वेग23:13 – 00:35टालें
शुभ00:35 – 01:56शुभ
अमृत01:56 – 03:18शुभ
चर03:18 – 04:39सामान्य
रोग04:39 – 06:01टालें

23 मई 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 22:30 तक
कृष्ण द्वादशी 19:20, 24 मई तक
नक्षत्र
रेवती 13:48, 24 मई तक
योग
प्रीति 18:36 तक
आयुष्मान 15:00, 24 मई तक
करण
बव 11:55 तक
बालव 22:30 तक
कौलव 08:58, 24 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
19:09
चंद्रोदय
02:43
चंद्रास्त
15:16
दिनमान
13h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 13:01

अशुभ समय

राहुकाल
10:56 – 12:35
यमगंड
15:52 – 17:30
गुलिक काल
07:40 – 09:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0107:07दिन
बुध07:0708:12दिन
चंद्र08:1209:18दिन
शनि09:1810:24दिन
गुरु10:2411:29दिन
मंगल11:2912:35दिन
सूर्य12:3513:40दिन
शुक्र13:4014:46दिन
बुध14:4615:52दिन
चंद्र15:5216:57दिन
शनि16:5718:03दिन
गुरु18:0319:09दिन
मंगल19:0920:03रात
सूर्य20:0320:57रात
शुक्र20:5721:52रात
बुध21:5222:46रात
चंद्र22:4623:40रात
शनि23:4000:35रात
गुरु00:3501:29रात
मंगल01:2902:23रात
सूर्य02:2303:18रात
शुक्र03:1804:12रात
बुध04:1205:06रात
चंद्र05:0606:01रात

अयनांश 24.2117° (लाहिड़ी)। समय मुंबई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।