4 जून 2025 को मुंबई का चौघड़िया

बुधवार, 4 जून 2025, मुंबई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 4 जून 2025 को मुंबई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (23:54 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (03:35, 5 जून तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 19:13 पर है। राहुकाल 12:36 से 14:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 19:13
रात 06:00 तक
तिथि
नवमी, 23:54 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 03:35 तक
हस्त
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जून 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:00 – 07:39शुभ
अमृत07:39 – 09:18शुभ
काल09:18 – 10:57टालें
शुभ10:57 – 12:36शुभ
रोग12:36 – 14:16टालें
उद्वेग14:16 – 15:55टालें
चर15:55 – 17:34सामान्य
लाभ17:34 – 19:13शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:13 – 20:34टालें
शुभ20:34 – 21:55शुभ
अमृत21:55 – 23:16शुभ
चर23:16 – 00:36सामान्य
रोग00:36 – 01:57टालें
काल01:57 – 03:18टालें
लाभ03:18 – 04:39शुभ
उद्वेग04:39 – 06:00टालें

4 जून 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल नवमी 23:54 तक
शुक्ल दशमी 02:16, 6 जून तक
नक्षत्र
हस्त 06:33, 6 जून तक
योग
वज्रअशुभ 08:28 तक
सिद्धि 09:13, 5 जून तक
करण
बालव 10:52 तक
कौलव 23:54 तक
तैतिल 13:03, 5 जून तक
चंद्र राशि
सिंह 07:35 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
19:13
चंद्रोदय
13:34
चंद्रास्त
01:20
दिनमान
13h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 13:03 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:36 – 14:16
यमगंड
07:39 – 09:18
गुलिक काल
10:57 – 12:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0007:06दिन
चंद्र07:0608:12दिन
शनि08:1209:18दिन
गुरु09:1810:24दिन
मंगल10:2411:30दिन
सूर्य11:3012:36दिन
शुक्र12:3613:43दिन
बुध13:4314:49दिन
चंद्र14:4915:55दिन
शनि15:5517:01दिन
गुरु17:0118:07दिन
मंगल18:0719:13दिन
सूर्य19:1320:07रात
शुक्र20:0721:01रात
बुध21:0121:55रात
चंद्र21:5522:49रात
शनि22:4923:43रात
गुरु23:4300:36रात
मंगल00:3601:30रात
सूर्य01:3002:24रात
शुक्र02:2403:18रात
बुध03:1804:12रात
चंद्र04:1205:06रात
शनि05:0606:00रात

अयनांश 24.2122° (लाहिड़ी)। समय मुंबई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।