26 अप्रैल 2028 को मुंबई का चौघड़िया

बुधवार, 26 अप्रैल 2028, मुंबई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 26 अप्रैल 2028 को मुंबई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (01:47, 27 अप्रैल तक), नक्षत्र भरणी (06:56 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 18:59 पर है। राहुकाल 12:36 से 14:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 18:59
रात 06:12 तक
तिथि
द्वितीया, 01:47 तक
तृतीया
नक्षत्र
कृत्तिका
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:13 – 07:49शुभ
अमृत07:49 – 09:24शुभ
काल09:24 – 11:00टालें
शुभ11:00 – 12:36शुभ
रोग12:36 – 14:12टालें
उद्वेग14:12 – 15:47टालें
चर15:47 – 17:23सामान्य
लाभ17:23 – 18:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:59 – 20:23टालें
शुभ20:23 – 21:47शुभ
अमृत21:47 – 23:11शुभ
चर23:11 – 00:36सामान्य
रोग00:36 – 02:00टालें
काल02:00 – 03:24टालें
लाभ03:24 – 04:48शुभ
उद्वेग04:48 – 06:12टालें

26 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 01:47, 27 अप्रैल तक
शुक्ल तृतीया 01:28, 28 अप्रैल तक
नक्षत्र
भरणी 06:56 तक
कृत्तिका 07:34, 27 अप्रैल तक
योग
आयुष्मान 09:04 तक
सौभाग्य 07:58, 27 अप्रैल तक
करण
बालव 13:49 तक
कौलव 01:47, 27 अप्रैल तक
तैतिल 13:40, 27 अप्रैल तक
चंद्र राशि
मेष 13:07 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:59
चंद्रोदय
06:56
चंद्रास्त
20:32
दिनमान
12h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 13:01 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:36 – 14:12
यमगंड
07:49 – 09:24
गुलिक काल
11:00 – 12:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1307:17दिन
चंद्र07:1708:21दिन
शनि08:2109:24दिन
गुरु09:2410:28दिन
मंगल10:2811:32दिन
सूर्य11:3212:36दिन
शुक्र12:3613:40दिन
बुध13:4014:44दिन
चंद्र14:4415:47दिन
शनि15:4716:51दिन
गुरु16:5117:55दिन
मंगल17:5518:59दिन
सूर्य18:5919:55रात
शुक्र19:5520:51रात
बुध20:5121:47रात
चंद्र21:4722:43रात
शनि22:4323:39रात
गुरु23:3900:36रात
मंगल00:3601:32रात
सूर्य01:3202:28रात
शुक्र02:2803:24रात
बुध03:2404:20रात
चंद्र04:2005:16रात
शनि05:1606:12रात

अयनांश 24.2526° (लाहिड़ी)। समय मुंबई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।