20 नवंबर 2026 को मैसूरु का चौघड़िया

शुक्रवार, 20 नवंबर 2026, मैसूरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 को मैसूरु में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (07:16 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (06:56 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 10:42 से 12:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:23 – 17:54
रात 06:23 तक
तिथि
एकादशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:23 – 07:49सामान्य
लाभ07:49 – 09:16शुभ
अमृत09:16 – 10:42शुभ
काल10:42 – 12:08टालें
शुभ12:08 – 13:35शुभ
रोग13:35 – 15:01टालें
उद्वेग15:01 – 16:28टालें
चर16:28 – 17:54सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:54 – 19:28टालें
काल19:28 – 21:01टालें
लाभ21:01 – 22:35शुभ
उद्वेग22:35 – 00:09टालें
शुभ00:09 – 01:42शुभ
अमृत01:42 – 03:16शुभ
चर03:16 – 04:50सामान्य
रोग04:50 – 06:23टालें

20 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल दशमी 07:16 तक
शुक्ल एकादशी 06:31, 21 नव॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 06:50, 21 नव॰ तक
योग
हर्षण 06:40 तक
वज्रअशुभ 04:55, 21 नव॰ तक
सिद्धि 02:30, 22 नव॰ तक
करण
गर 07:16 तक
वणिज 19:00 तक
विष्टि (भद्रा) 06:31, 21 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
14:24
चंद्रास्त
02:04
दिनमान
11h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
10:42 – 12:08
यमगंड
15:01 – 16:28
गुलिक काल
07:49 – 09:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2307:20दिन
बुध07:2008:18दिन
चंद्र08:1809:16दिन
शनि09:1610:13दिन
गुरु10:1311:11दिन
मंगल11:1112:08दिन
सूर्य12:0813:06दिन
शुक्र13:0614:04दिन
बुध14:0415:01दिन
चंद्र15:0115:59दिन
शनि15:5916:57दिन
गुरु16:5717:54दिन
मंगल17:5418:57रात
सूर्य18:5719:59रात
शुक्र19:5921:01रात
बुध21:0122:04रात
चंद्र22:0423:06रात
शनि23:0600:09रात
गुरु00:0901:11रात
मंगल01:1102:13रात
सूर्य02:1303:16रात
शुक्र03:1604:18रात
बुध04:1805:21रात
चंद्र05:2106:23रात

अयनांश 24.2326° (लाहिड़ी)। समय मैसूरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।