30 सितंबर 2026 को नैरोबी का चौघड़िया

बुधवार, 30 सितंबर 2026, नैरोबी, Kenya। समय Africa/Nairobi में है।

बुधवार, 30 सितंबर 2026 को नैरोबी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (12:25 तक), नक्षत्र कृत्तिका (03:32, 1 अक्टू॰ तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 12:22 से 13:53 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 18:26
रात 06:18 तक
तिथि
चतुर्थी, 12:25 तक
पंचमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 03:32 तक
रोहिणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:19 – 07:50शुभ
अमृत07:50 – 09:21शुभ
काल09:21 – 10:51टालें
शुभ10:51 – 12:22शुभ
रोग12:22 – 13:53टालें
उद्वेग13:53 – 15:24टालें
चर15:24 – 16:55सामान्य
लाभ16:55 – 18:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:26 – 19:55टालें
शुभ19:55 – 21:24शुभ
अमृत21:24 – 22:53शुभ
चर22:53 – 00:22सामान्य
रोग00:22 – 01:51टालें
काल01:51 – 03:20टालें
लाभ03:20 – 04:49शुभ
उद्वेग04:49 – 06:18टालें

30 सितंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 12:25 तक
कृष्ण पंचमी 10:05, 1 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 03:32, 1 अक्टू॰ तक
रोहिणी 01:57, 2 अक्टू॰ तक
योग
वज्रअशुभ 21:50 तक
सिद्धि 18:48, 1 अक्टू॰ तक
करण
बालव 12:25 तक
कौलव 23:16 तक
तैतिल 10:05, 1 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मेष 10:43 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
21:47
चंद्रास्त
09:11
दिनमान
12h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:31
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:46 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:22 – 13:53
यमगंड
07:50 – 09:21
गुलिक काल
10:51 – 12:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1907:19दिन
चंद्र07:1908:20दिन
शनि08:2009:21दिन
गुरु09:2110:21दिन
मंगल10:2111:22दिन
सूर्य11:2212:22दिन
शुक्र12:2213:23दिन
बुध13:2314:23दिन
चंद्र14:2315:24दिन
शनि15:2416:25दिन
गुरु16:2517:25दिन
मंगल17:2518:26दिन
सूर्य18:2619:25रात
शुक्र19:2520:25रात
बुध20:2521:24रात
चंद्र21:2422:23रात
शनि22:2323:23रात
गुरु23:2300:22रात
मंगल00:2201:21रात
सूर्य01:2102:21रात
शुक्र02:2103:20रात
बुध03:2004:20रात
चंद्र04:2005:19रात
शनि05:1906:18रात

अयनांश 24.2307° (लाहिड़ी)। समय नैरोबी (Africa/Nairobi) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।