23 दिसंबर 2024 को नांदेड़ का चौघड़िया

सोमवार, 23 दिसंबर 2024, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 23 दिसंबर 2024 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (17:08 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (09:09 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:50 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है। राहुकाल 08:12 से 09:35 तक है।

दिन और रात
दिन 06:50 – 17:49
रात 06:51 तक
तिथि
अष्टमी, 17:08 तक
नवमी
नक्षत्र
हस्त
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:50 – 08:12शुभ
काल08:12 – 09:35टालें
शुभ09:35 – 10:57शुभ
रोग10:57 – 12:19टालें
उद्वेग12:19 – 13:42टालें
चर13:42 – 15:04सामान्य
लाभ15:04 – 16:26शुभ
अमृत16:26 – 17:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:49 – 19:27सामान्य
रोग19:27 – 21:04टालें
काल21:04 – 22:42टालें
लाभ22:42 – 00:20शुभ
उद्वेग00:20 – 01:57टालें
शुभ01:57 – 03:35शुभ
अमृत03:35 – 05:13शुभ
चर05:13 – 06:51सामान्य

23 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 17:08 तक
कृष्ण नवमी 19:52, 24 दिस॰ तक
नक्षत्र
हस्त 12:17, 24 दिस॰ तक
योग
सौभाग्य 19:54 तक
शोभन 20:53, 24 दिस॰ तक
करण
कौलव 17:08 तक
तैतिल 06:30, 24 दिस॰ तक
गर 19:52, 24 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:50
सूर्यास्त
17:49
चंद्रोदय
00:13
चंद्रास्त
12:28
दिनमान
10h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
08:12 – 09:35
यमगंड
10:57 – 12:19
गुलिक काल
13:42 – 15:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:5007:45दिन
शनि07:4508:40दिन
गुरु08:4009:35दिन
मंगल09:3510:30दिन
सूर्य10:3011:25दिन
शुक्र11:2512:19दिन
बुध12:1913:14दिन
चंद्र13:1414:09दिन
शनि14:0915:04दिन
गुरु15:0415:59दिन
मंगल15:5916:54दिन
सूर्य16:5417:49दिन
शुक्र17:4918:54रात
बुध18:5419:59रात
चंद्र19:5921:04रात
शनि21:0422:09रात
गुरु22:0923:15रात
मंगल23:1500:20रात
सूर्य00:2001:25रात
शुक्र01:2502:30रात
बुध02:3003:35रात
चंद्र03:3504:40रात
शनि04:4005:45रात
गुरु05:4506:51रात

अयनांश 24.2060° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।