28 फ़रवरी 2025 को नांदेड़ का चौघड़िया

शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2025, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2025 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (03:16, 1 मार्च तक), नक्षत्र शतभिषा (13:40 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:40 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 11:05 से 12:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:40 – 18:25
रात 06:40 तक
तिथि
प्रतिपदा, 03:16 तक
द्वितीया
नक्षत्र
शतभिषा, 13:40 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:40 – 08:08सामान्य
लाभ08:08 – 09:37शुभ
अमृत09:37 – 11:05शुभ
काल11:05 – 12:33टालें
शुभ12:33 – 14:01शुभ
रोग14:01 – 15:29टालें
उद्वेग15:29 – 16:57टालें
चर16:57 – 18:25सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:25 – 19:57टालें
काल19:57 – 21:29टालें
लाभ21:29 – 23:01शुभ
उद्वेग23:01 – 00:32टालें
शुभ00:32 – 02:04शुभ
अमृत02:04 – 03:36शुभ
चर03:36 – 05:08सामान्य
रोग05:08 – 06:40टालें

28 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 03:16, 1 मार्च तक
शुक्ल द्वितीया 00:09, 2 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 13:40 तक
पूर्वा भाद्रपद 11:22, 1 मार्च तक
योग
सिद्ध 20:07 तक
साध्य 16:24, 1 मार्च तक
करण
किंस्तुघ्न 16:47 तक
बव 03:16, 1 मार्च तक
बालव 13:43, 1 मार्च तक
चंद्र राशि
कुंभ 05:58, 1 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:40
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
06:50
चंद्रास्त
18:52
दिनमान
11h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:51
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
11:05 – 12:33
यमगंड
15:29 – 16:57
गुलिक काल
08:08 – 09:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4007:39दिन
बुध07:3908:38दिन
चंद्र08:3809:37दिन
शनि09:3710:35दिन
गुरु10:3511:34दिन
मंगल11:3412:33दिन
सूर्य12:3313:32दिन
शुक्र13:3214:30दिन
बुध14:3015:29दिन
चंद्र15:2916:28दिन
शनि16:2817:27दिन
गुरु17:2718:25दिन
मंगल18:2519:27रात
सूर्य19:2720:28रात
शुक्र20:2821:29रात
बुध21:2922:30रात
चंद्र22:3023:31रात
शनि23:3100:32रात
गुरु00:3201:34रात
मंगल01:3402:35रात
सूर्य02:3503:36रात
शुक्र03:3604:37रात
बुध04:3705:38रात
चंद्र05:3806:40रात

अयनांश 24.2085° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।