24 मार्च 2025 को नांदेड़ का चौघड़िया

सोमवार, 24 मार्च 2025, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 24 मार्च 2025 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (05:05, 25 मार्च तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (04:26, 25 मार्च तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 07:52 से 09:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 18:32
रात 06:20 तक
तिथि
दशमी, 05:05 तक
एकादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 04:26 तक
श्रवण
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:21 – 07:52शुभ
काल07:52 – 09:24टालें
शुभ09:24 – 10:55शुभ
रोग10:55 – 12:27टालें
उद्वेग12:27 – 13:58टालें
चर13:58 – 15:29सामान्य
लाभ15:29 – 17:01शुभ
अमृत17:01 – 18:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:32 – 20:01सामान्य
रोग20:01 – 21:29टालें
काल21:29 – 22:58टालें
लाभ22:58 – 00:26शुभ
उद्वेग00:26 – 01:55टालें
शुभ01:55 – 03:23शुभ
अमृत03:23 – 04:52शुभ
चर04:52 – 06:20सामान्य

24 मार्च 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण दशमी 05:05, 25 मार्च तक
कृष्ण एकादशी 03:45, 26 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 04:26, 25 मार्च तक
श्रवण 03:49, 26 मार्च तक
योग
परिघअशुभ 16:44 तक
शिव 14:53, 25 मार्च तक
करण
वणिज 17:28 तक
विष्टि (भद्रा) 05:05, 25 मार्च तक
बव 16:31, 25 मार्च तक
चंद्र राशि
धनु 10:24 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
02:24
चंद्रास्त
13:29
दिनमान
12h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
07:52 – 09:24
यमगंड
10:55 – 12:27
गुलिक काल
13:58 – 15:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2107:22दिन
शनि07:2208:23दिन
गुरु08:2309:24दिन
मंगल09:2410:25दिन
सूर्य10:2511:26दिन
शुक्र11:2612:27दिन
बुध12:2713:28दिन
चंद्र13:2814:28दिन
शनि14:2815:29दिन
गुरु15:2916:30दिन
मंगल16:3017:31दिन
सूर्य17:3118:32दिन
शुक्र18:3219:31रात
बुध19:3120:30रात
चंद्र20:3021:29रात
शनि21:2922:28रात
गुरु22:2823:27रात
मंगल23:2700:26रात
सूर्य00:2601:25रात
शुक्र01:2502:24रात
बुध02:2403:23रात
चंद्र03:2304:22रात
शनि04:2205:21रात
गुरु05:2106:20रात

अयनांश 24.2094° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।