1 अप्रैल 2025 को नांदेड़ का चौघड़िया

मंगलवार, 1 अप्रैल 2025, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 1 अप्रैल 2025 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (02:32, 2 अप्रैल तक), नक्षत्र भरणी (11:06 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 18:34 पर है। राहुकाल 15:29 से 17:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 18:34
रात 06:13 तक
तिथि
चतुर्थी, 02:32 तक
पंचमी
नक्षत्र
भरणी, 11:06 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:14 – 07:47टालें
उद्वेग07:47 – 09:19टालें
चर09:19 – 10:52सामान्य
लाभ10:52 – 12:24शुभ
अमृत12:24 – 13:57शुभ
काल13:57 – 15:29टालें
शुभ15:29 – 17:02शुभ
रोग17:02 – 18:34टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:34 – 20:02टालें
लाभ20:02 – 21:29शुभ
उद्वेग21:29 – 22:56टालें
शुभ22:56 – 00:24शुभ
अमृत00:24 – 01:51शुभ
चर01:51 – 03:19सामान्य
रोग03:19 – 04:46टालें
काल04:46 – 06:13टालें

1 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 02:32, 2 अप्रैल तक
शुक्ल पंचमी 23:50, 2 अप्रैल तक
नक्षत्र
भरणी 11:06 तक
कृत्तिका 08:49, 2 अप्रैल तक
योग
विष्कंभअशुभ 09:48 तक
प्रीति 06:07, 2 अप्रैल तक
आयुष्मान 02:49, 3 अप्रैल तक
करण
वणिज 16:05 तक
विष्टि (भद्रा) 02:32, 2 अप्रैल तक
बव 13:07, 2 अप्रैल तक
चंद्र राशि
मेष 16:30 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
18:34
चंद्रोदय
08:12
चंद्रास्त
21:50
दिनमान
12h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
15:29 – 17:02
यमगंड
09:19 – 10:52
गुलिक काल
12:24 – 13:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1407:16दिन
सूर्य07:1608:18दिन
शुक्र08:1809:19दिन
बुध09:1910:21दिन
चंद्र10:2111:23दिन
शनि11:2312:24दिन
गुरु12:2413:26दिन
मंगल13:2614:28दिन
सूर्य14:2815:29दिन
शुक्र15:2916:31दिन
बुध16:3117:33दिन
चंद्र17:3318:34दिन
शनि18:3419:32रात
गुरु19:3220:31रात
मंगल20:3121:29रात
सूर्य21:2922:27रात
शुक्र22:2723:26रात
बुध23:2600:24रात
चंद्र00:2401:22रात
शनि01:2202:20रात
गुरु02:2003:19रात
मंगल03:1904:17रात
सूर्य04:1705:15रात
शुक्र05:1506:13रात

अयनांश 24.2097° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।