28 सितंबर 2025 को नांदेड़ का चौघड़िया

रविवार, 28 सितंबर 2025, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 28 सितंबर 2025 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (14:27 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (03:55, 29 सित॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:10 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 16:41 से 18:11 तक है।

दिन और रात
दिन 06:10 – 18:11
रात 06:11 तक
तिथि
षष्ठी, 14:27 तक
सप्तमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 03:55 तक
मूल
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:10 – 07:40टालें
चर07:40 – 09:11सामान्य
लाभ09:11 – 10:41शुभ
अमृत10:41 – 12:11शुभ
काल12:11 – 13:41टालें
शुभ13:41 – 15:11शुभ
रोग15:11 – 16:41टालें
उद्वेग16:41 – 18:11टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:11 – 19:41शुभ
अमृत19:41 – 21:11शुभ
चर21:11 – 22:41सामान्य
रोग22:41 – 00:11टालें
काल00:11 – 01:41टालें
लाभ01:41 – 03:11शुभ
उद्वेग03:11 – 04:41टालें
शुभ04:41 – 06:11शुभ

28 सितंबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 14:27 तक
शुक्ल सप्तमी 16:32, 29 सित॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 03:55, 29 सित॰ तक
मूल 06:17, 30 सित॰ तक
योग
आयुष्मान 00:32, 29 सित॰ तक
सौभाग्य 01:00, 30 सित॰ तक
करण
तैतिल 14:27 तक
गर 03:33, 29 सित॰ तक
वणिज 16:32, 29 सित॰ तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 03:55, 29 सित॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:10
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
11:31
चंद्रास्त
22:27
दिनमान
12h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
16:41 – 18:11
यमगंड
12:11 – 13:41
गुलिक काल
15:11 – 16:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1007:10दिन
शुक्र07:1008:10दिन
बुध08:1009:11दिन
चंद्र09:1110:11दिन
शनि10:1111:11दिन
गुरु11:1112:11दिन
मंगल12:1113:11दिन
सूर्य13:1114:11दिन
शुक्र14:1115:11दिन
बुध15:1116:11दिन
चंद्र16:1117:11दिन
शनि17:1118:11दिन
गुरु18:1119:11रात
मंगल19:1120:11रात
सूर्य20:1121:11रात
शुक्र21:1122:11रात
बुध22:1123:11रात
चंद्र23:1100:11रात
शनि00:1101:11रात
गुरु01:1102:11रात
मंगल02:1103:11रात
सूर्य03:1104:11रात
शुक्र04:1105:11रात
बुध05:1106:11रात

अयनांश 24.2166° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।