6 अक्टूबर 2025 को नांदेड़ का चौघड़िया

सोमवार, 6 अक्टूबर 2025, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 6 अक्टूबर 2025 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (12:24 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (06:16 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 07:41 से 09:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 18:04
रात 06:12 तक
तिथि
चतुर्दशी, 12:24 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 04:01 तक
रेवती
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:12 – 07:41शुभ
काल07:41 – 09:10टालें
शुभ09:10 – 10:39शुभ
रोग10:39 – 12:08टालें
उद्वेग12:08 – 13:37टालें
चर13:37 – 15:06सामान्य
लाभ15:06 – 16:35शुभ
अमृत16:35 – 18:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:04 – 19:35सामान्य
रोग19:35 – 21:06टालें
काल21:06 – 22:37टालें
लाभ22:37 – 00:08शुभ
उद्वेग00:08 – 01:39टालें
शुभ01:39 – 03:10शुभ
अमृत03:10 – 04:41शुभ
चर04:41 – 06:12सामान्य

6 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 12:24 तक
पूर्णिमा 09:17, 7 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 04:01, 7 अक्टू॰ तक
रेवती 01:28, 8 अक्टू॰ तक
योग
वृद्धि 13:13 तक
ध्रुव 09:31, 7 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 12:24 तक
विष्टि (भद्रा) 22:53 तक
बव 09:17, 7 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
17:29
चंद्रास्त
05:06
दिनमान
11h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
07:41 – 09:10
यमगंड
10:39 – 12:08
गुलिक काल
13:37 – 15:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1207:11दिन
शनि07:1108:11दिन
गुरु08:1109:10दिन
मंगल09:1010:10दिन
सूर्य10:1011:09दिन
शुक्र11:0912:08दिन
बुध12:0813:08दिन
चंद्र13:0814:07दिन
शनि14:0715:06दिन
गुरु15:0616:06दिन
मंगल16:0617:05दिन
सूर्य17:0518:04दिन
शुक्र18:0419:05रात
बुध19:0520:06रात
चंद्र20:0621:06रात
शनि21:0622:07रात
गुरु22:0723:08रात
मंगल23:0800:08रात
सूर्य00:0801:09रात
शुक्र01:0902:10रात
बुध02:1003:10रात
चंद्र03:1004:11रात
शनि04:1105:12रात
गुरु05:1206:12रात

अयनांश 24.2169° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।