12 अक्टूबर 2025 को नांदेड़ का चौघड़िया

रविवार, 12 अक्टूबर 2025, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 12 अक्टूबर 2025 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (14:17 तक), नक्षत्र मृगशिरा (13:36 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है। राहुकाल 16:31 से 18:00 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 18:00
रात 06:14 तक
तिथि
षष्ठी, 14:17 तक
सप्तमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 13:36 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:14 – 07:42टालें
चर07:42 – 09:10सामान्य
लाभ09:10 – 10:38शुभ
अमृत10:38 – 12:07शुभ
काल12:07 – 13:35टालें
शुभ13:35 – 15:03शुभ
रोग15:03 – 16:31टालें
उद्वेग16:31 – 18:00टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:00 – 19:31शुभ
अमृत19:31 – 21:03शुभ
चर21:03 – 22:35सामान्य
रोग22:35 – 00:07टालें
काल00:07 – 01:39टालें
लाभ01:39 – 03:10शुभ
उद्वेग03:10 – 04:42टालें
शुभ04:42 – 06:14शुभ

12 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 14:17 तक
कृष्ण सप्तमी 12:24, 13 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 12:27, 13 अक्टू॰ तक
योग
वरीयान 10:55 तक
परिघअशुभ 08:10, 13 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 14:17 तक
विष्टि (भद्रा) 01:16, 13 अक्टू॰ तक
बव 12:24, 13 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
18:00
चंद्रोदय
22:40
चंद्रास्त
11:37
दिनमान
11h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
16:31 – 18:00
यमगंड
12:07 – 13:35
गुलिक काल
15:03 – 16:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1407:12दिन
शुक्र07:1208:11दिन
बुध08:1109:10दिन
चंद्र09:1010:09दिन
शनि10:0911:08दिन
गुरु11:0812:07दिन
मंगल12:0713:05दिन
सूर्य13:0514:04दिन
शुक्र14:0415:03दिन
बुध15:0316:02दिन
चंद्र16:0217:01दिन
शनि17:0118:00दिन
गुरु18:0019:01रात
मंगल19:0120:02रात
सूर्य20:0221:03रात
शुक्र21:0322:04रात
बुध22:0423:06रात
चंद्र23:0600:07रात
शनि00:0701:08रात
गुरु01:0802:09रात
मंगल02:0903:10रात
सूर्य03:1004:11रात
शुक्र04:1105:13रात
बुध05:1306:14रात

अयनांश 24.2172° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।