30 अक्टूबर 2025 को नांदेड़ का चौघड़िया

गुरुवार, 30 अक्टूबर 2025, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 30 अक्टूबर 2025 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (10:07 तक), नक्षत्र श्रवण (18:33 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 17:48 पर है। राहुकाल 13:30 से 14:56 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 17:48
रात 06:20 तक
तिथि
अष्टमी, 10:07 तक
नवमी
नक्षत्र
श्रवण, 18:33 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:20 – 07:46शुभ
रोग07:46 – 09:12टालें
उद्वेग09:12 – 10:38टालें
चर10:38 – 12:04सामान्य
लाभ12:04 – 13:30शुभ
अमृत13:30 – 14:56शुभ
काल14:56 – 16:22टालें
शुभ16:22 – 17:48शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:48 – 19:22शुभ
चर19:22 – 20:56सामान्य
रोग20:56 – 22:30टालें
काल22:30 – 00:04टालें
लाभ00:04 – 01:38शुभ
उद्वेग01:38 – 03:12टालें
शुभ03:12 – 04:46शुभ
अमृत04:46 – 06:20शुभ

30 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 10:07 तक
शुक्ल नवमी 10:04, 31 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 18:33 तक
धनिष्ठा 18:51, 31 अक्टू॰ तक
योग
शूलअशुभ 07:20 तक
गंडअशुभ 06:15, 31 अक्टू॰ तक
वृद्धि 04:31, 1 नव॰ तक
करण
बव 10:07 तक
बालव 22:11 तक
कौलव 10:04, 31 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
17:48
चंद्रोदय
13:25
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
13:30 – 14:56
यमगंड
06:20 – 07:46
गुलिक काल
09:12 – 10:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2007:17दिन
मंगल07:1708:15दिन
सूर्य08:1509:12दिन
शुक्र09:1210:09दिन
बुध10:0911:06दिन
चंद्र11:0612:04दिन
शनि12:0413:01दिन
गुरु13:0113:58दिन
मंगल13:5814:56दिन
सूर्य14:5615:53दिन
शुक्र15:5316:50दिन
बुध16:5017:48दिन
चंद्र17:4818:50रात
शनि18:5019:53रात
गुरु19:5320:56रात
मंगल20:5621:59रात
सूर्य21:5923:01रात
शुक्र23:0100:04रात
बुध00:0401:07रात
चंद्र01:0702:09रात
शनि02:0903:12रात
गुरु03:1204:15रात
मंगल04:1505:18रात
सूर्य05:1806:20रात

अयनांश 24.2179° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।