31 दिसंबर 2025 को नांदेड़ का चौघड़िया

बुधवार, 31 दिसंबर 2025, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 31 दिसंबर 2025 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (01:48, 1 जन॰ तक), नक्षत्र कृत्तिका (01:30, 1 जन॰ तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:53 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 12:23 से 13:46 तक है।

दिन और रात
दिन 06:53 – 17:53
रात 06:54 तक
तिथि
द्वादशी, 01:48 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
कृत्तिका, 01:30 तक
रोहिणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:53 – 08:16शुभ
अमृत08:16 – 09:38शुभ
काल09:38 – 11:01टालें
शुभ11:01 – 12:23शुभ
रोग12:23 – 13:46टालें
उद्वेग13:46 – 15:08टालें
चर15:08 – 16:31सामान्य
लाभ16:31 – 17:53शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:53 – 19:31टालें
शुभ19:31 – 21:08शुभ
अमृत21:08 – 22:46शुभ
चर22:46 – 00:23सामान्य
रोग00:23 – 02:01टालें
काल02:01 – 03:39टालें
लाभ03:39 – 05:16शुभ
उद्वेग05:16 – 06:54टालें

31 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 01:48, 1 जन॰ तक
शुक्ल त्रयोदशी 22:22, 1 जन॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 01:30, 1 जन॰ तक
रोहिणी 22:48, 1 जन॰ तक
योग
साध्य 21:13 तक
शुभ 17:12, 1 जन॰ तक
करण
बव 15:26 तक
बालव 01:48, 1 जन॰ तक
कौलव 12:06, 1 जन॰ तक
चंद्र राशि
मेष 09:23 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:53
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
14:41
चंद्रास्त
03:21
दिनमान
11h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:09 – 06:01
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:45 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:23 – 13:46
यमगंड
08:16 – 09:38
गुलिक काल
11:01 – 12:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5307:48दिन
चंद्र07:4808:43दिन
शनि08:4309:38दिन
गुरु09:3810:33दिन
मंगल10:3311:28दिन
सूर्य11:2812:23दिन
शुक्र12:2313:18दिन
बुध13:1814:13दिन
चंद्र14:1315:08दिन
शनि15:0816:03दिन
गुरु16:0316:58दिन
मंगल16:5817:53दिन
सूर्य17:5318:58रात
शुक्र18:5820:03रात
बुध20:0321:08रात
चंद्र21:0822:13रात
शनि22:1323:18रात
गुरु23:1800:23रात
मंगल00:2301:28रात
सूर्य01:2802:34रात
शुक्र02:3403:39रात
बुध03:3904:44रात
चंद्र04:4405:49रात
शनि05:4906:54रात

अयनांश 24.2202° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।