3 फ़रवरी 2026 को नांदेड़ का चौघड़िया

मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (00:41, 4 फ़र॰ तक), नक्षत्र मघा (22:10 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:54 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 15:24 से 16:49 तक है।

दिन और रात
दिन 06:54 – 18:14
रात 06:54 तक
तिथि
द्वितीया, 00:41 तक
तृतीया
नक्षत्र
मघा, 22:10 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:54 – 08:19टालें
उद्वेग08:19 – 09:44टालें
चर09:44 – 11:09सामान्य
लाभ11:09 – 12:34शुभ
अमृत12:34 – 13:59शुभ
काल13:59 – 15:24टालें
शुभ15:24 – 16:49शुभ
रोग16:49 – 18:14टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:14 – 19:49टालें
लाभ19:49 – 21:24शुभ
उद्वेग21:24 – 22:59टालें
शुभ22:59 – 00:34शुभ
अमृत00:34 – 02:09शुभ
चर02:09 – 03:44सामान्य
रोग03:44 – 05:19टालें
काल05:19 – 06:54टालें

3 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 00:41, 4 फ़र॰ तक
कृष्ण तृतीया 00:10, 5 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मघा 22:10 तक
पूर्वा फाल्गुनी 22:12, 4 फ़र॰ तक
योग
शोभन 02:39, 4 फ़र॰ तक
अतिगंडअशुभ 01:04, 5 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 13:12 तक
गर 00:41, 4 फ़र॰ तक
वणिज 12:20, 4 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:54
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
19:45
चंद्रास्त
07:52
दिनमान
11h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:13 – 06:03
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
15:24 – 16:49
यमगंड
09:44 – 11:09
गुलिक काल
12:34 – 13:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5407:51दिन
सूर्य07:5108:47दिन
शुक्र08:4709:44दिन
बुध09:4410:41दिन
चंद्र10:4111:37दिन
शनि11:3712:34दिन
गुरु12:3413:31दिन
मंगल13:3114:27दिन
सूर्य14:2715:24दिन
शुक्र15:2416:21दिन
बुध16:2117:18दिन
चंद्र17:1818:14दिन
शनि18:1419:17रात
गुरु19:1720:21रात
मंगल20:2121:24रात
सूर्य21:2422:27रात
शुक्र22:2723:31रात
बुध23:3100:34रात
चंद्र00:3401:37रात
शनि01:3702:41रात
गुरु02:4103:44रात
मंगल03:4404:47रात
सूर्य04:4705:50रात
शुक्र05:5006:54रात

अयनांश 24.2215° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।