16 अप्रैल 2026 को नांदेड़ का चौघड़िया

गुरुवार, 16 अप्रैल 2026, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (20:11 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (13:59 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 13:55 से 15:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 18:38
रात 06:02 तक
तिथि
चतुर्दशी, 20:11 तक
अमावस्या
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 13:59 तक
रेवती
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:02 – 07:37शुभ
रोग07:37 – 09:11टालें
उद्वेग09:11 – 10:46टालें
चर10:46 – 12:20सामान्य
लाभ12:20 – 13:55शुभ
अमृत13:55 – 15:29शुभ
काल15:29 – 17:04टालें
शुभ17:04 – 18:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:38 – 20:03शुभ
चर20:03 – 21:29सामान्य
रोग21:29 – 22:54टालें
काल22:54 – 00:20टालें
लाभ00:20 – 01:45शुभ
उद्वेग01:45 – 03:11टालें
शुभ03:11 – 04:36शुभ
अमृत04:36 – 06:02शुभ

16 अप्रैल 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 20:11 तक
अमावस्या 17:21, 17 अप्रैल तक
नक्षत्र
रेवती 12:02, 17 अप्रैल तक
योग
इंद्र 10:37 तक
वैधृतिअशुभ 07:21, 17 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:26 तक
शकुनि 20:11 तक
चतुष्पद 06:50, 17 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
04:55
चंद्रास्त
17:35
दिनमान
12h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:17
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
13:55 – 15:29
यमगंड
06:02 – 07:37
गुलिक काल
09:11 – 10:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0207:05दिन
मंगल07:0508:08दिन
सूर्य08:0809:11दिन
शुक्र09:1110:14दिन
बुध10:1411:17दिन
चंद्र11:1712:20दिन
शनि12:2013:23दिन
गुरु13:2314:26दिन
मंगल14:2615:29दिन
सूर्य15:2916:32दिन
शुक्र16:3217:35दिन
बुध17:3518:38दिन
चंद्र18:3819:35रात
शनि19:3520:32रात
गुरु20:3221:29रात
मंगल21:2922:26रात
सूर्य22:2623:23रात
शुक्र23:2300:20रात
बुध00:2001:17रात
चंद्र01:1702:14रात
शनि02:1403:11रात
गुरु03:1104:08रात
मंगल04:0805:05रात
सूर्य05:0506:02रात

अयनांश 24.2243° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।