27 सितंबर 2026 को नांदेड़ का चौघड़िया

रविवार, 27 सितंबर 2026, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 27 सितंबर 2026 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (20:59 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (11:08 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:10 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 16:42 से 18:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:10 – 18:12
रात 06:10 तक
तिथि
प्रतिपदा, 20:59 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 11:08 तक
रेवती
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:10 – 07:40टालें
चर07:40 – 09:11सामान्य
लाभ09:11 – 10:41शुभ
अमृत10:41 – 12:11शुभ
काल12:11 – 13:41टालें
शुभ13:41 – 15:12शुभ
रोग15:12 – 16:42टालें
उद्वेग16:42 – 18:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:12 – 19:42शुभ
अमृत19:42 – 21:12शुभ
चर21:12 – 22:42सामान्य
रोग22:42 – 00:11टालें
काल00:11 – 01:41टालें
लाभ01:41 – 03:11शुभ
उद्वेग03:11 – 04:41टालें
शुभ04:41 – 06:10शुभ

27 सितंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 20:59 तक
कृष्ण द्वितीया 19:14, 28 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 10:16, 28 सित॰ तक
योग
वृद्धि 11:17 तक
ध्रुव 08:53, 28 सित॰ तक
करण
बालव 09:42 तक
कौलव 20:59 तक
तैतिल 08:09, 28 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:10
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
18:32
चंद्रास्त
06:30
दिनमान
12h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
16:42 – 18:12
यमगंड
12:11 – 13:41
गुलिक काल
15:12 – 16:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1007:10दिन
शुक्र07:1008:10दिन
बुध08:1009:11दिन
चंद्र09:1110:11दिन
शनि10:1111:11दिन
गुरु11:1112:11दिन
मंगल12:1113:11दिन
सूर्य13:1114:12दिन
शुक्र14:1215:12दिन
बुध15:1216:12दिन
चंद्र16:1217:12दिन
शनि17:1218:12दिन
गुरु18:1219:12रात
मंगल19:1220:12रात
सूर्य20:1221:12रात
शुक्र21:1222:12रात
बुध22:1223:11रात
चंद्र23:1100:11रात
शनि00:1101:11रात
गुरु01:1102:11रात
मंगल02:1103:11रात
सूर्य03:1104:11रात
शुक्र04:1105:10रात
बुध05:1006:10रात

अयनांश 24.2306° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।