2 अक्टूबर 2026 को नांदेड़ का चौघड़िया

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (10:15 तक), नक्षत्र मृगशिरा (02:55, 3 अक्टू॰ तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 10:40 से 12:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:11 – 18:08
रात 06:11 तक
तिथि
षष्ठी, 10:15 तक
सप्तमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 02:55 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:11 – 07:41सामान्य
लाभ07:41 – 09:10शुभ
अमृत09:10 – 10:40शुभ
काल10:40 – 12:10टालें
शुभ12:10 – 13:39शुभ
रोग13:39 – 15:09टालें
उद्वेग15:09 – 16:38टालें
चर16:38 – 18:08सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:08 – 19:38टालें
काल19:38 – 21:09टालें
लाभ21:09 – 22:39शुभ
उद्वेग22:39 – 00:10टालें
शुभ00:10 – 01:40शुभ
अमृत01:40 – 03:10शुभ
चर03:10 – 04:41सामान्य
रोग04:41 – 06:11टालें

2 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 10:15 तक
कृष्ण सप्तमी 08:00, 3 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मृगशिरा 02:55, 3 अक्टू॰ तक
आर्द्रा 01:29, 4 अक्टू॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 18:17 तक
वरीयान 15:21, 3 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 10:15 तक
विष्टि (भद्रा) 21:07 तक
बव 08:00, 3 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 15:40 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
22:46
चंद्रास्त
11:41
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:23
अभिजीत मुहूर्त
11:46 – 12:33

अशुभ समय

राहुकाल
10:40 – 12:10
यमगंड
15:09 – 16:38
गुलिक काल
07:41 – 09:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1107:11दिन
बुध07:1108:11दिन
चंद्र08:1109:10दिन
शनि09:1010:10दिन
गुरु10:1011:10दिन
मंगल11:1012:10दिन
सूर्य12:1013:09दिन
शुक्र13:0914:09दिन
बुध14:0915:09दिन
चंद्र15:0916:08दिन
शनि16:0817:08दिन
गुरु17:0818:08दिन
मंगल18:0819:08रात
सूर्य19:0820:08रात
शुक्र20:0821:09रात
बुध21:0922:09रात
चंद्र22:0923:09रात
शनि23:0900:10रात
गुरु00:1001:10रात
मंगल01:1002:10रात
सूर्य02:1003:10रात
शुक्र03:1004:11रात
बुध04:1105:11रात
चंद्र05:1106:11रात

अयनांश 24.2307° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।