21 नवंबर 2026 को नांदेड़ का चौघड़िया

शनिवार, 21 नवंबर 2026, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 21 नवंबर 2026 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (06:31 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (06:50 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 09:19 से 10:42 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 17:41
रात 06:32 तक
तिथि
द्वादशी, 04:56 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
रेवती, 05:55 तक
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:31 – 07:55टालें
शुभ07:55 – 09:19शुभ
रोग09:19 – 10:42टालें
उद्वेग10:42 – 12:06टालें
चर12:06 – 13:30सामान्य
लाभ13:30 – 14:53शुभ
अमृत14:53 – 16:17शुभ
काल16:17 – 17:41टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:41 – 19:17शुभ
उद्वेग19:17 – 20:54टालें
शुभ20:54 – 22:30शुभ
अमृत22:30 – 00:06शुभ
चर00:06 – 01:43सामान्य
रोग01:43 – 03:19टालें
काल03:19 – 04:55टालें
लाभ04:55 – 06:32शुभ

21 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 06:31 तक
शुक्ल द्वादशी 04:56, 22 नव॰ तक
शुक्ल त्रयोदशी 02:37, 23 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 05:55, 22 नव॰ तक
अश्विनी 04:15, 23 नव॰ तक
योग
सिद्धि 02:30, 22 नव॰ तक
व्यतीपातअशुभ 23:29, 22 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 06:31 तक
बव 17:50 तक
बालव 04:56, 22 नव॰ तक
कौलव 15:52, 22 नव॰ तक
चंद्र राशि
मीन 05:55, 22 नव॰ तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
14:57
चंद्रास्त
02:56
दिनमान
11h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 – 05:40
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
09:19 – 10:42
यमगंड
13:30 – 14:53
गुलिक काल
06:31 – 07:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3107:27दिन
गुरु07:2708:23दिन
मंगल08:2309:19दिन
सूर्य09:1910:14दिन
शुक्र10:1411:10दिन
बुध11:1012:06दिन
चंद्र12:0613:02दिन
शनि13:0213:58दिन
गुरु13:5814:53दिन
मंगल14:5315:49दिन
सूर्य15:4916:45दिन
शुक्र16:4517:41दिन
बुध17:4118:45रात
चंद्र18:4519:49रात
शनि19:4920:54रात
गुरु20:5421:58रात
मंगल21:5823:02रात
सूर्य23:0200:06रात
शुक्र00:0601:10रात
बुध01:1002:15रात
चंद्र02:1503:19रात
शनि03:1904:23रात
गुरु04:2305:27रात
मंगल05:2706:32रात

अयनांश 24.2327° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।