1 दिसंबर 2026 को नांदेड़ का चौघड़िया

मंगलवार, 1 दिसंबर 2026, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 1 दिसंबर 2026 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (23:14 तक), नक्षत्र मघा (09:00 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 14:55 से 16:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 17:41
रात 06:38 तक
तिथि
अष्टमी, 23:14 तक
नवमी
नक्षत्र
मघा, 09:00 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:37 – 08:00टालें
उद्वेग08:00 – 09:23टालें
चर09:23 – 10:46सामान्य
लाभ10:46 – 12:09शुभ
अमृत12:09 – 13:32शुभ
काल13:32 – 14:55टालें
शुभ14:55 – 16:18शुभ
रोग16:18 – 17:41टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:41 – 19:18टालें
लाभ19:18 – 20:55शुभ
उद्वेग20:55 – 22:32टालें
शुभ22:32 – 00:09शुभ
अमृत00:09 – 01:47शुभ
चर01:47 – 03:24सामान्य
रोग03:24 – 05:01टालें
काल05:01 – 06:38टालें

1 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 23:14 तक
कृष्ण नवमी 22:52, 2 दिस॰ तक
नक्षत्र
मघा 09:00 तक
पूर्वा फाल्गुनी 08:55, 2 दिस॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 12:15 तक
विष्कंभअशुभ 10:31, 2 दिस॰ तक
करण
बालव 11:38 तक
कौलव 23:14 तक
तैतिल 10:59, 2 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
12:31
दिनमान
11h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
14:55 – 16:18
यमगंड
09:23 – 10:46
गुलिक काल
12:09 – 13:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3707:32दिन
सूर्य07:3208:28दिन
शुक्र08:2809:23दिन
बुध09:2310:18दिन
चंद्र10:1811:14दिन
शनि11:1412:09दिन
गुरु12:0913:04दिन
मंगल13:0414:00दिन
सूर्य14:0014:55दिन
शुक्र14:5515:50दिन
बुध15:5016:46दिन
चंद्र16:4617:41दिन
शनि17:4118:46रात
गुरु18:4619:51रात
मंगल19:5120:55रात
सूर्य20:5522:00रात
शुक्र22:0023:05रात
बुध23:0500:09रात
चंद्र00:0901:14रात
शनि01:1402:19रात
गुरु02:1903:24रात
मंगल03:2404:28रात
सूर्य04:2805:33रात
शुक्र05:3306:38रात

अयनांश 24.2330° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।