18 जनवरी 2027 को नांदेड़ का चौघड़िया

सोमवार, 18 जनवरी 2027, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 18 जनवरी 2027 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (10:27 तक), नक्षत्र कृत्तिका (21:05 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:57 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 08:20 से 09:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:57 – 18:04
रात 06:57 तक
तिथि
दशमी, 10:27 तक
एकादशी
नक्षत्र
कृत्तिका, 21:05 तक
रोहिणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:57 – 08:20शुभ
काल08:20 – 09:44टालें
शुभ09:44 – 11:07शुभ
रोग11:07 – 12:31टालें
उद्वेग12:31 – 13:54टालें
चर13:54 – 15:18सामान्य
लाभ15:18 – 16:41शुभ
अमृत16:41 – 18:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:04 – 19:41सामान्य
रोग19:41 – 21:18टालें
काल21:18 – 22:54टालें
लाभ22:54 – 00:31शुभ
उद्वेग00:31 – 02:07टालें
शुभ02:07 – 03:44शुभ
अमृत03:44 – 05:20शुभ
चर05:20 – 06:57सामान्य

18 जनवरी 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल दशमी 10:27 तक
शुक्ल एकादशी 07:49, 19 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 18:54, 19 जन॰ तक
योग
शुभ 09:33 तक
शुक्ल 06:13, 19 जन॰ तक
ब्रह्म 02:27, 20 जन॰ तक
करण
गर 10:27 तक
वणिज 21:13 तक
विष्टि (भद्रा) 07:49, 19 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:57
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
13:39
चंद्रास्त
02:23
दिनमान
11h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 06:05
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
08:20 – 09:44
यमगंड
11:07 – 12:31
गुलिक काल
13:54 – 15:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:5707:52दिन
शनि07:5208:48दिन
गुरु08:4809:44दिन
मंगल09:4410:39दिन
सूर्य10:3911:35दिन
शुक्र11:3512:31दिन
बुध12:3113:26दिन
चंद्र13:2614:22दिन
शनि14:2215:18दिन
गुरु15:1816:13दिन
मंगल16:1317:09दिन
सूर्य17:0918:04दिन
शुक्र18:0419:09रात
बुध19:0920:13रात
चंद्र20:1321:18रात
शनि21:1822:22रात
गुरु22:2223:26रात
मंगल23:2600:31रात
सूर्य00:3101:35रात
शुक्र01:3502:39रात
बुध02:3903:44रात
चंद्र03:4404:48रात
शनि04:4805:52रात
गुरु05:5206:57रात

अयनांश 24.2349° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।