8 फ़रवरी 2028 को नांदेड़ का चौघड़िया

मंगलवार, 8 फ़रवरी 2028, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 8 फ़रवरी 2028 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (03:46, 9 फ़र॰ तक), नक्षत्र आर्द्रा (09:15 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:52 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 15:26 से 16:51 तक है।

दिन और रात
दिन 06:52 – 18:17
रात 06:52 तक
तिथि
त्रयोदशी, 03:46 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 06:50 तक
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:52 – 08:18टालें
उद्वेग08:18 – 09:43टालें
चर09:43 – 11:09सामान्य
लाभ11:09 – 12:34शुभ
अमृत12:34 – 14:00शुभ
काल14:00 – 15:26टालें
शुभ15:26 – 16:51शुभ
रोग16:51 – 18:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:17 – 19:51टालें
लाभ19:51 – 21:25शुभ
उद्वेग21:25 – 23:00टालें
शुभ23:00 – 00:34शुभ
अमृत00:34 – 02:09शुभ
चर02:09 – 03:43सामान्य
रोग03:43 – 05:17टालें
काल05:17 – 06:52टालें

8 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 03:46, 9 फ़र॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 00:17, 10 फ़र॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 06:50, 9 फ़र॰ तक
पुष्य 04:03, 10 फ़र॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 07:15 तक
प्रीति 03:30, 9 फ़र॰ तक
आयुष्मान 23:26, 9 फ़र॰ तक
करण
कौलव 17:23 तक
तैतिल 03:46, 9 फ़र॰ तक
गर 14:04, 9 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 01:29, 9 फ़र॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:52
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
15:54
चंद्रास्त
04:36
दिनमान
11h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 – 06:02
अभिजीत मुहूर्त
12:12 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
15:26 – 16:51
यमगंड
09:43 – 11:09
गुलिक काल
12:34 – 14:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5207:49दिन
सूर्य07:4908:46दिन
शुक्र08:4609:43दिन
बुध09:4310:40दिन
चंद्र10:4011:37दिन
शनि11:3712:34दिन
गुरु12:3413:31दिन
मंगल13:3114:29दिन
सूर्य14:2915:26दिन
शुक्र15:2616:23दिन
बुध16:2317:20दिन
चंद्र17:2018:17दिन
शनि18:1719:20रात
गुरु19:2020:22रात
मंगल20:2221:25रात
सूर्य21:2522:28रात
शुक्र22:2823:31रात
बुध23:3100:34रात
चंद्र00:3401:37रात
शनि01:3702:40रात
गुरु02:4003:43रात
मंगल03:4304:46रात
सूर्य04:4605:49रात
शुक्र05:4906:52रात

अयनांश 24.2496° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।