11 मार्च 2028 को नांदेड़ का चौघड़िया

शनिवार, 11 मार्च 2028, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 11 मार्च 2028 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (06:36 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (03:37, 12 मार्च तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 09:31 से 11:01 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 18:29
रात 06:31 तक
तिथि
प्रतिपदा, 02:56 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 03:37 तक
हस्त
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:32 – 08:01टालें
शुभ08:01 – 09:31शुभ
रोग09:31 – 11:01टालें
उद्वेग11:01 – 12:30टालें
चर12:30 – 14:00सामान्य
लाभ14:00 – 15:30शुभ
अमृत15:30 – 16:59शुभ
काल16:59 – 18:29टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:29 – 19:59शुभ
उद्वेग19:59 – 21:29टालें
शुभ21:29 – 23:00शुभ
अमृत23:00 – 00:30शुभ
चर00:30 – 02:00सामान्य
रोग02:00 – 03:30टालें
काल03:30 – 05:01टालें
लाभ05:01 – 06:31शुभ

11 मार्च 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
पूर्णिमा 06:36 तक
कृष्ण प्रतिपदा 02:56, 12 मार्च तक
कृष्ण द्वितीया 23:34, 12 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 03:37, 12 मार्च तक
हस्त 01:01, 13 मार्च तक
योग
शूलअशुभ 16:17 तक
गंडअशुभ 12:11, 12 मार्च तक
करण
बव 06:36 तक
बालव 16:44 तक
कौलव 02:56, 12 मार्च तक
तैतिल 13:12, 12 मार्च तक
चंद्र राशि
सिंह 11:45 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
18:56
चंद्रास्त
06:23
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
09:31 – 11:01
यमगंड
14:00 – 15:30
गुलिक काल
06:32 – 08:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3207:31दिन
गुरु07:3108:31दिन
मंगल08:3109:31दिन
सूर्य09:3110:31दिन
शुक्र10:3111:31दिन
बुध11:3112:30दिन
चंद्र12:3013:30दिन
शनि13:3014:30दिन
गुरु14:3015:30दिन
मंगल15:3016:29दिन
सूर्य16:2917:29दिन
शुक्र17:2918:29दिन
बुध18:2919:29रात
चंद्र19:2920:29रात
शनि20:2921:29रात
गुरु21:2922:30रात
मंगल22:3023:30रात
सूर्य23:3000:30रात
शुक्र00:3001:30रात
बुध01:3002:30रात
चंद्र02:3003:30रात
शनि03:3004:31रात
गुरु04:3105:31रात
मंगल05:3106:31रात

अयनांश 24.2509° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।