16 अप्रैल 2028 को नांदेड़ का चौघड़िया

रविवार, 16 अप्रैल 2028, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 16 अप्रैल 2028 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (09:10 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (09:39 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 17:04 से 18:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 18:38
रात 06:01 तक
तिथि
सप्तमी, 09:10 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:02 – 07:37टालें
चर07:37 – 09:11सामान्य
लाभ09:11 – 10:46शुभ
अमृत10:46 – 12:20शुभ
काल12:20 – 13:55टालें
शुभ13:55 – 15:29शुभ
रोग15:29 – 17:04टालें
उद्वेग17:04 – 18:38टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:38 – 20:04शुभ
अमृत20:04 – 21:29शुभ
चर21:29 – 22:54सामान्य
रोग22:54 – 00:20टालें
काल00:20 – 01:45टालें
लाभ01:45 – 03:11शुभ
उद्वेग03:11 – 04:36टालें
शुभ04:36 – 06:01शुभ

16 अप्रैल 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 09:10 तक
कृष्ण अष्टमी 11:11, 17 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 12:13, 17 अप्रैल तक
योग
सिद्ध 05:41, 17 अप्रैल तक
साध्य 06:31, 18 अप्रैल तक
करण
बव 09:10 तक
बालव 22:06 तक
कौलव 11:11, 17 अप्रैल तक
चंद्र राशि
धनु 16:14 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
00:29
चंद्रास्त
11:43
दिनमान
12h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
17:04 – 18:38
यमगंड
12:20 – 13:55
गुलिक काल
15:29 – 17:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0207:05दिन
शुक्र07:0508:08दिन
बुध08:0809:11दिन
चंद्र09:1110:14दिन
शनि10:1411:17दिन
गुरु11:1712:20दिन
मंगल12:2013:23दिन
सूर्य13:2314:26दिन
शुक्र14:2615:29दिन
बुध15:2916:32दिन
चंद्र16:3217:35दिन
शनि17:3518:38दिन
गुरु18:3819:35रात
मंगल19:3520:32रात
सूर्य20:3221:29रात
शुक्र21:2922:26रात
बुध22:2623:23रात
चंद्र23:2300:20रात
शनि00:2001:17रात
गुरु01:1702:14रात
मंगल02:1403:11रात
सूर्य03:1104:07रात
शुक्र04:0705:04रात
बुध05:0406:01रात

अयनांश 24.2522° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।