16 अगस्त 2028 को नांदेड़ का चौघड़िया

बुधवार, 16 अगस्त 2028, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 16 अगस्त 2028 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (03:49, 17 अग॰ तक), नक्षत्र मृगशिरा (18:02 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 18:47 पर है। राहुकाल 12:24 से 14:00 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 18:47
रात 06:02 तक
तिथि
एकादशी, 03:49 तक
द्वादशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 18:02 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:02 – 07:37शुभ
अमृत07:37 – 09:13शुभ
काल09:13 – 10:49टालें
शुभ10:49 – 12:24शुभ
रोग12:24 – 14:00टालें
उद्वेग14:00 – 15:36टालें
चर15:36 – 17:11सामान्य
लाभ17:11 – 18:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:47 – 20:11टालें
शुभ20:11 – 21:36शुभ
अमृत21:36 – 23:00शुभ
चर23:00 – 00:24सामान्य
रोग00:24 – 01:49टालें
काल01:49 – 03:13टालें
लाभ03:13 – 04:37शुभ
उद्वेग04:37 – 06:02टालें

16 अगस्त 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 03:49, 17 अग॰ तक
कृष्ण द्वादशी 01:43, 18 अग॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 17:00, 17 अग॰ तक
योग
हर्षण 18:12 तक
वज्रअशुभ 15:42, 17 अग॰ तक
करण
बव 16:36 तक
बालव 03:49, 17 अग॰ तक
कौलव 14:51, 17 अग॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 06:17 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
18:47
चंद्रोदय
01:25
चंद्रास्त
15:14
दिनमान
12h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:17
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:50 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:24 – 14:00
यमगंड
07:37 – 09:13
गुलिक काल
10:49 – 12:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0207:05दिन
चंद्र07:0508:09दिन
शनि08:0909:13दिन
गुरु09:1310:17दिन
मंगल10:1711:21दिन
सूर्य11:2112:24दिन
शुक्र12:2413:28दिन
बुध13:2814:32दिन
चंद्र14:3215:36दिन
शनि15:3616:40दिन
गुरु16:4017:43दिन
मंगल17:4318:47दिन
सूर्य18:4719:43रात
शुक्र19:4320:40रात
बुध20:4021:36रात
चंद्र21:3622:32रात
शनि22:3223:28रात
गुरु23:2800:24रात
मंगल00:2401:21रात
सूर्य01:2102:17रात
शुक्र02:1703:13रात
बुध03:1304:09रात
चंद्र04:0905:06रात
शनि05:0606:02रात

अयनांश 24.2569° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।