5 मई 2029 को नांदेड़ का चौघड़िया

शनिवार, 5 मई 2029, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 5 मई 2029 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (03:54, 6 मई तक), नक्षत्र श्रवण (19:57 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:50 पर और सूर्यास्त 18:44 पर है। राहुकाल 09:04 से 10:40 तक है।

दिन और रात
दिन 05:50 – 18:44
रात 05:49 तक
तिथि
अष्टमी, 03:54 तक
नवमी
नक्षत्र
श्रवण, 19:57 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:50 – 07:27टालें
शुभ07:27 – 09:04शुभ
रोग09:04 – 10:40टालें
उद्वेग10:40 – 12:17टालें
चर12:17 – 13:54सामान्य
लाभ13:54 – 15:31शुभ
अमृत15:31 – 17:07शुभ
काल17:07 – 18:44टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:44 – 20:07शुभ
उद्वेग20:07 – 21:30टालें
शुभ21:30 – 22:54शुभ
अमृत22:54 – 00:17शुभ
चर00:17 – 01:40सामान्य
रोग01:40 – 03:03टालें
काल03:03 – 04:26टालें
लाभ04:26 – 05:49शुभ

5 मई 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 03:54, 6 मई तक
कृष्ण नवमी 05:34, 7 मई तक
नक्षत्र
श्रवण 19:57 तक
धनिष्ठा 22:03, 6 मई तक
योग
शुभ 06:06 तक
शुक्ल 05:59, 6 मई तक
करण
बालव 15:18 तक
कौलव 03:54, 6 मई तक
तैतिल 16:40, 6 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:50
सूर्यास्त
18:44
चंद्रोदय
00:28
चंद्रास्त
12:07
दिनमान
12h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:06
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
09:04 – 10:40
यमगंड
13:54 – 15:31
गुलिक काल
05:50 – 07:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5006:54दिन
गुरु06:5407:59दिन
मंगल07:5909:04दिन
सूर्य09:0410:08दिन
शुक्र10:0811:13दिन
बुध11:1312:17दिन
चंद्र12:1713:22दिन
शनि13:2214:26दिन
गुरु14:2615:31दिन
मंगल15:3116:35दिन
सूर्य16:3517:40दिन
शुक्र17:4018:44दिन
बुध18:4419:40रात
चंद्र19:4020:35रात
शनि20:3521:30रात
गुरु21:3022:26रात
मंगल22:2623:21रात
सूर्य23:2100:17रात
शुक्र00:1701:12रात
बुध01:1202:08रात
चंद्र02:0803:03रात
शनि03:0303:59रात
गुरु03:5904:54रात
मंगल04:5405:49रात

अयनांश 24.2669° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।