31 अगस्त 2029 को नांदेड़ का चौघड़िया

शुक्रवार, 31 अगस्त 2029, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 31 अगस्त 2029 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (21:01 तक), नक्षत्र कृत्तिका (00:33, 1 सित॰ तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 18:36 पर है। राहुकाल 10:47 से 12:20 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 18:36
रात 06:05 तक
तिथि
सप्तमी, 21:01 तक
अष्टमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 00:33 तक
रोहिणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अगस्त 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:05 – 07:39सामान्य
लाभ07:39 – 09:13शुभ
अमृत09:13 – 10:47शुभ
काल10:47 – 12:20टालें
शुभ12:20 – 13:54शुभ
रोग13:54 – 15:28टालें
उद्वेग15:28 – 17:02टालें
चर17:02 – 18:36सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:36 – 20:02टालें
काल20:02 – 21:28टालें
लाभ21:28 – 22:54शुभ
उद्वेग22:54 – 00:20टालें
शुभ00:20 – 01:47शुभ
अमृत01:47 – 03:13शुभ
चर03:13 – 04:39सामान्य
रोग04:39 – 06:05टालें

31 अगस्त 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 21:01 तक
कृष्ण अष्टमी 22:57, 1 सित॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 00:33, 1 सित॰ तक
रोहिणी 02:59, 2 सित॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 22:37 तक
हर्षण 23:08, 1 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:53 तक
बव 21:01 तक
बालव 10:03, 1 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
18:36
चंद्रोदय
23:10
चंद्रास्त
11:54
दिनमान
12h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
10:47 – 12:20
यमगंड
15:28 – 17:02
गुलिक काल
07:39 – 09:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0507:08दिन
बुध07:0808:10दिन
चंद्र08:1009:13दिन
शनि09:1310:15दिन
गुरु10:1511:18दिन
मंगल11:1812:20दिन
सूर्य12:2013:23दिन
शुक्र13:2314:26दिन
बुध14:2615:28दिन
चंद्र15:2816:31दिन
शनि16:3117:33दिन
गुरु17:3318:36दिन
मंगल18:3619:33रात
सूर्य19:3320:31रात
शुक्र20:3121:28रात
बुध21:2822:26रात
चंद्र22:2623:23रात
शनि23:2300:20रात
गुरु00:2001:18रात
मंगल01:1802:15रात
सूर्य02:1503:13रात
शुक्र03:1304:10रात
बुध04:1005:08रात
चंद्र05:0806:05रात

अयनांश 24.2714° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।