5 अक्टूबर 2028 को नासिक का चौघड़िया

गुरुवार, 5 अक्टूबर 2028, नासिक, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 5 अक्टूबर 2028 को नासिक में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (01:58, 6 अक्टू॰ तक), नक्षत्र अश्विनी (02:54, 6 अक्टू॰ तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 18:19 पर है। राहुकाल 13:52 से 15:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:26 – 18:19
रात 06:27 तक
तिथि
द्वितीया, 01:58 तक
तृतीया
नक्षत्र
अश्विनी, 02:54 तक
भरणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:26 – 07:55शुभ
रोग07:55 – 09:24टालें
उद्वेग09:24 – 10:53टालें
चर10:53 – 12:23सामान्य
लाभ12:23 – 13:52शुभ
अमृत13:52 – 15:21शुभ
काल15:21 – 16:50टालें
शुभ16:50 – 18:19शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:19 – 19:50शुभ
चर19:50 – 21:21सामान्य
रोग21:21 – 22:52टालें
काल22:52 – 00:23टालें
लाभ00:23 – 01:54शुभ
उद्वेग01:54 – 03:25टालें
शुभ03:25 – 04:56शुभ
अमृत04:56 – 06:27शुभ

5 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 01:58, 6 अक्टू॰ तक
कृष्ण तृतीया 03:35, 7 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
अश्विनी 02:54, 6 अक्टू॰ तक
भरणी 05:03, 7 अक्टू॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 10:37 तक
हर्षण 10:59, 6 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 13:03 तक
गर 01:58, 6 अक्टू॰ तक
वणिज 14:49, 6 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
18:19
चंद्रोदय
19:09
चंद्रास्त
07:36
दिनमान
11h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
13:52 – 15:21
यमगंड
06:26 – 07:55
गुलिक काल
09:24 – 10:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2607:26दिन
मंगल07:2608:25दिन
सूर्य08:2509:24दिन
शुक्र09:2410:24दिन
बुध10:2411:23दिन
चंद्र11:2312:23दिन
शनि12:2313:22दिन
गुरु13:2214:21दिन
मंगल14:2115:21दिन
सूर्य15:2116:20दिन
शुक्र16:2017:19दिन
बुध17:1918:19दिन
चंद्र18:1919:19रात
शनि19:1920:20रात
गुरु20:2021:21रात
मंगल21:2122:21रात
सूर्य22:2123:22रात
शुक्र23:2200:23रात
बुध00:2301:23रात
चंद्र01:2302:24रात
शनि02:2403:25रात
गुरु03:2504:25रात
मंगल04:2505:26रात
सूर्य05:2606:27रात

अयनांश 24.2588° (लाहिड़ी)। समय नासिक (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।