26 सितंबर 2029 को नासिक का चौघड़िया

बुधवार, 26 सितंबर 2029, नासिक, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 26 सितंबर 2029 को नासिक में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (07:20, 27 सित॰ तक), नक्षत्र भरणी (04:40, 27 सित॰ तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 12:25 से 13:56 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 18:27
रात 06:24 तक
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
भरणी, 04:40 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:24 – 07:54शुभ
अमृत07:54 – 09:25शुभ
काल09:25 – 10:55टालें
शुभ10:55 – 12:25शुभ
रोग12:25 – 13:56टालें
उद्वेग13:56 – 15:26टालें
चर15:26 – 16:57सामान्य
लाभ16:57 – 18:27शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:27 – 19:57टालें
शुभ19:57 – 21:26शुभ
अमृत21:26 – 22:56शुभ
चर22:56 – 00:26सामान्य
रोग00:26 – 01:55टालें
काल01:55 – 03:25टालें
लाभ03:25 – 04:55शुभ
उद्वेग04:55 – 06:24टालें

26 सितंबर 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 07:20, 27 सित॰ तक
नक्षत्र
भरणी 04:40, 27 सित॰ तक
कृत्तिका 07:42, 28 सित॰ तक
योग
हर्षण 04:55, 27 सित॰ तक
वज्रअशुभ 05:53, 28 सित॰ तक
करण
बव 18:02 तक
बालव 07:20, 27 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
20:35
चंद्रास्त
09:12
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:36
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:50 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:25 – 13:56
यमगंड
07:54 – 09:25
गुलिक काल
10:55 – 12:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2407:24दिन
चंद्र07:2408:25दिन
शनि08:2509:25दिन
गुरु09:2510:25दिन
मंगल10:2511:25दिन
सूर्य11:2512:25दिन
शुक्र12:2513:26दिन
बुध13:2614:26दिन
चंद्र14:2615:26दिन
शनि15:2616:26दिन
गुरु16:2617:27दिन
मंगल17:2718:27दिन
सूर्य18:2719:27रात
शुक्र19:2720:26रात
बुध20:2621:26रात
चंद्र21:2622:26रात
शनि22:2623:26रात
गुरु23:2600:26रात
मंगल00:2601:25रात
सूर्य01:2502:25रात
शुक्र02:2503:25रात
बुध03:2504:25रात
चंद्र04:2505:24रात
शनि05:2406:24रात

अयनांश 24.2724° (लाहिड़ी)। समय नासिक (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।