12 अक्टूबर 2029 को नासिक का चौघड़िया

शुक्रवार, 12 अक्टूबर 2029, नासिक, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 12 अक्टूबर 2029 को नासिक में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (08:04 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (16:56 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 10:53 से 12:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 18:13
रात 06:28 तक
तिथि
षष्ठी, 06:11 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 16:56 तक
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:28 – 07:56सामान्य
लाभ07:56 – 09:24शुभ
अमृत09:24 – 10:53शुभ
काल10:53 – 12:21टालें
शुभ12:21 – 13:49शुभ
रोग13:49 – 15:17टालें
उद्वेग15:17 – 16:45टालें
चर16:45 – 18:13सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:13 – 19:45टालें
काल19:45 – 21:17टालें
लाभ21:17 – 22:49शुभ
उद्वेग22:49 – 00:21टालें
शुभ00:21 – 01:53शुभ
अमृत01:53 – 03:25शुभ
चर03:25 – 04:57सामान्य
रोग04:57 – 06:28टालें

12 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 08:04 तक
शुक्ल षष्ठी 06:11, 13 अक्टू॰ तक
शुक्ल सप्तमी 04:59, 14 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल 16:02, 13 अक्टू॰ तक
योग
सौभाग्य 14:02 तक
शोभन 11:30, 13 अक्टू॰ तक
करण
बालव 08:04 तक
कौलव 19:03 तक
तैतिल 06:11, 13 अक्टू॰ तक
गर 17:30, 13 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
11:08
चंद्रास्त
22:20
दिनमान
11h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
10:53 – 12:21
यमगंड
15:17 – 16:45
गुलिक काल
07:56 – 09:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2807:27दिन
बुध07:2708:26दिन
चंद्र08:2609:24दिन
शनि09:2410:23दिन
गुरु10:2311:22दिन
मंगल11:2212:21दिन
सूर्य12:2113:19दिन
शुक्र13:1914:18दिन
बुध14:1815:17दिन
चंद्र15:1716:16दिन
शनि16:1617:14दिन
गुरु17:1418:13दिन
मंगल18:1319:14रात
सूर्य19:1420:16रात
शुक्र20:1621:17रात
बुध21:1722:18रात
चंद्र22:1823:20रात
शनि23:2000:21रात
गुरु00:2101:22रात
मंगल01:2202:23रात
सूर्य02:2303:25रात
शुक्र03:2504:26रात
बुध04:2605:27रात
चंद्र05:2706:28रात

अयनांश 24.2731° (लाहिड़ी)। समय नासिक (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।