12 नवंबर 2029 को नासिक का चौघड़िया

सोमवार, 12 नवंबर 2029, नासिक, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 12 नवंबर 2029 को नासिक में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (17:55 तक), नक्षत्र श्रवण (23:53 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 08:06 से 09:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:41 – 17:55
रात 06:42 तक
तिथि
सप्तमी, 17:55 तक
अष्टमी
नक्षत्र
श्रवण, 23:53 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:41 – 08:06शुभ
काल08:06 – 09:30टालें
शुभ09:30 – 10:54शुभ
रोग10:54 – 12:18टालें
उद्वेग12:18 – 13:43टालें
चर13:43 – 15:07सामान्य
लाभ15:07 – 16:31शुभ
अमृत16:31 – 17:55शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:55 – 19:31सामान्य
रोग19:31 – 21:07टालें
काल21:07 – 22:43टालें
लाभ22:43 – 00:19शुभ
उद्वेग00:19 – 01:54टालें
शुभ01:54 – 03:30शुभ
अमृत03:30 – 05:06शुभ
चर05:06 – 06:42सामान्य

12 नवंबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 17:55 तक
शुक्ल अष्टमी 18:25, 13 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 23:53 तक
धनिष्ठा 01:08, 14 नव॰ तक
योग
गंडअशुभ 12:54 तक
वृद्धि 12:00, 13 नव॰ तक
करण
वणिज 17:55 तक
विष्टि (भद्रा) 06:05, 13 नव॰ तक
बव 18:25, 13 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
12:20
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:59 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
08:06 – 09:30
यमगंड
10:54 – 12:18
गुलिक काल
13:43 – 15:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4107:38दिन
शनि07:3808:34दिन
गुरु08:3409:30दिन
मंगल09:3010:26दिन
सूर्य10:2611:22दिन
शुक्र11:2212:18दिन
बुध12:1813:15दिन
चंद्र13:1514:11दिन
शनि14:1115:07दिन
गुरु15:0716:03दिन
मंगल16:0316:59दिन
सूर्य16:5917:55दिन
शुक्र17:5518:59रात
बुध18:5920:03रात
चंद्र20:0321:07रात
शनि21:0722:11रात
गुरु22:1123:15रात
मंगल23:1500:19रात
सूर्य00:1901:23रात
शुक्र01:2302:26रात
बुध02:2603:30रात
चंद्र03:3004:34रात
शनि04:3405:38रात
गुरु05:3806:42रात

अयनांश 24.2742° (लाहिड़ी)। समय नासिक (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।