17 जनवरी 2025 को नेल्लोर का चौघड़िया

शुक्रवार, 17 जनवरी 2025, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 17 जनवरी 2025 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (05:30, 18 जन॰ तक), नक्षत्र मघा (12:45 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 18:01 पर है। राहुकाल 10:54 से 12:20 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 18:01
रात 06:38 तक
तिथि
चतुर्थी, 05:30 तक
पंचमी
नक्षत्र
मघा, 12:45 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:38 – 08:04सामान्य
लाभ08:04 – 09:29शुभ
अमृत09:29 – 10:54शुभ
काल10:54 – 12:20टालें
शुभ12:20 – 13:45शुभ
रोग13:45 – 15:10टालें
उद्वेग15:10 – 16:36टालें
चर16:36 – 18:01सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:01 – 19:36टालें
काल19:36 – 21:10टालें
लाभ21:10 – 22:45शुभ
उद्वेग22:45 – 00:20टालें
शुभ00:20 – 01:54शुभ
अमृत01:54 – 03:29शुभ
चर03:29 – 05:04सामान्य
रोग05:04 – 06:38टालें

17 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 05:30, 18 जन॰ तक
कृष्ण पंचमी 07:31, 19 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 12:45 तक
योग
सौभाग्य 00:56, 18 जन॰ तक
शोभन 01:15, 19 जन॰ तक
करण
बव 16:43 तक
बालव 05:30, 18 जन॰ तक
कौलव 18:26, 18 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
18:01
चंद्रोदय
21:07
चंद्रास्त
09:07
दिनमान
11h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
10:54 – 12:20
यमगंड
15:10 – 16:36
गुलिक काल
08:04 – 09:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3807:35दिन
बुध07:3508:32दिन
चंद्र08:3209:29दिन
शनि09:2910:26दिन
गुरु10:2611:23दिन
मंगल11:2312:20दिन
सूर्य12:2013:17दिन
शुक्र13:1714:14दिन
बुध14:1415:10दिन
चंद्र15:1016:07दिन
शनि16:0717:04दिन
गुरु17:0418:01दिन
मंगल18:0119:04रात
सूर्य19:0420:07रात
शुक्र20:0721:10रात
बुध21:1022:14रात
चंद्र22:1423:17रात
शनि23:1700:20रात
गुरु00:2001:23रात
मंगल01:2302:26रात
सूर्य02:2603:29रात
शुक्र03:2904:32रात
बुध04:3205:35रात
चंद्र05:3506:38रात

अयनांश 24.2069° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।