19 जनवरी 2026 को नेल्लोर का चौघड़िया

सोमवार, 19 जनवरी 2026, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 19 जनवरी 2026 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (02:14, 20 जन॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (11:52 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 08:04 से 09:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 18:02
रात 06:38 तक
तिथि
प्रतिपदा, 02:14 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 11:52 तक
श्रवण
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:38 – 08:04शुभ
काल08:04 – 09:29टालें
शुभ09:29 – 10:55शुभ
रोग10:55 – 12:20टालें
उद्वेग12:20 – 13:46टालें
चर13:46 – 15:11सामान्य
लाभ15:11 – 16:37शुभ
अमृत16:37 – 18:02शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:02 – 19:37सामान्य
रोग19:37 – 21:11टालें
काल21:11 – 22:46टालें
लाभ22:46 – 00:20शुभ
उद्वेग00:20 – 01:55टालें
शुभ01:55 – 03:29शुभ
अमृत03:29 – 05:04शुभ
चर05:04 – 06:38सामान्य

19 जनवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 02:14, 20 जन॰ तक
शुक्ल द्वितीया 02:43, 21 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 13:07, 20 जन॰ तक
योग
वज्रअशुभ 20:45 तक
सिद्धि 20:01, 20 जन॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 13:51 तक
बव 02:14, 20 जन॰ तक
बालव 14:31, 20 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
07:00
चंद्रास्त
18:34
दिनमान
11h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
08:04 – 09:29
यमगंड
10:55 – 12:20
गुलिक काल
13:46 – 15:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3807:35दिन
शनि07:3508:32दिन
गुरु08:3209:29दिन
मंगल09:2910:26दिन
सूर्य10:2611:23दिन
शुक्र11:2312:20दिन
बुध12:2013:17दिन
चंद्र13:1714:14दिन
शनि14:1415:11दिन
गुरु15:1116:08दिन
मंगल16:0817:05दिन
सूर्य17:0518:02दिन
शुक्र18:0219:05रात
बुध19:0520:08रात
चंद्र20:0821:11रात
शनि21:1122:14रात
गुरु22:1423:17रात
मंगल23:1700:20रात
सूर्य00:2001:23रात
शुक्र01:2302:26रात
बुध02:2603:29रात
चंद्र03:2904:32रात
शनि04:3205:35रात
गुरु05:3506:38रात

अयनांश 24.2210° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।