22 फ़रवरी 2026 को नेल्लोर का चौघड़िया

रविवार, 22 फ़रवरी 2026, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 22 फ़रवरी 2026 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (11:10 तक), नक्षत्र अश्विनी (17:54 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 18:16 पर है। राहुकाल 16:48 से 18:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 18:16
रात 06:30 तक
तिथि
पंचमी, 11:10 तक
षष्ठी
नक्षत्र
अश्विनी, 17:54 तक
भरणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:30 – 07:58टालें
चर07:58 – 09:27सामान्य
लाभ09:27 – 10:55शुभ
अमृत10:55 – 12:23शुभ
काल12:23 – 13:51टालें
शुभ13:51 – 15:20शुभ
रोग15:20 – 16:48टालें
उद्वेग16:48 – 18:16टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:16 – 19:48शुभ
अमृत19:48 – 21:19शुभ
चर21:19 – 22:51सामान्य
रोग22:51 – 00:23टालें
काल00:23 – 01:55टालें
लाभ01:55 – 03:26शुभ
उद्वेग03:26 – 04:58टालें
शुभ04:58 – 06:30शुभ

22 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 11:10 तक
शुक्ल षष्ठी 09:09, 23 फ़र॰ तक
नक्षत्र
भरणी 16:33, 23 फ़र॰ तक
योग
शुक्ल 13:08 तक
ब्रह्म 10:18, 23 फ़र॰ तक
करण
बालव 11:10 तक
कौलव 22:11 तक
तैतिल 09:09, 23 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
09:40
चंद्रास्त
22:45
दिनमान
11h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
16:48 – 18:16
यमगंड
12:23 – 13:51
गुलिक काल
15:20 – 16:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3007:29दिन
शुक्र07:2908:28दिन
बुध08:2809:27दिन
चंद्र09:2710:25दिन
शनि10:2511:24दिन
गुरु11:2412:23दिन
मंगल12:2313:22दिन
सूर्य13:2214:21दिन
शुक्र14:2115:20दिन
बुध15:2016:18दिन
चंद्र16:1817:17दिन
शनि17:1718:16दिन
गुरु18:1619:17रात
मंगल19:1720:18रात
सूर्य20:1821:19रात
शुक्र21:1922:21रात
बुध22:2123:22रात
चंद्र23:2200:23रात
शनि00:2301:24रात
गुरु01:2402:25रात
मंगल02:2503:26रात
सूर्य03:2604:27रात
शुक्र04:2705:29रात
बुध05:2906:30रात

अयनांश 24.2223° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।