30 मार्च 2026 को नेल्लोर का चौघड़िया

सोमवार, 30 मार्च 2026, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 30 मार्च 2026 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (07:10 तक), नक्षत्र मघा (14:48 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:07 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 07:39 से 09:11 तक है।

दिन और रात
दिन 06:07 – 18:21
रात 06:06 तक
तिथि
त्रयोदशी
नक्षत्र
मघा, 14:48 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:07 – 07:39शुभ
काल07:39 – 09:11टालें
शुभ09:11 – 10:42शुभ
रोग10:42 – 12:14टालें
उद्वेग12:14 – 13:46टालें
चर13:46 – 15:18सामान्य
लाभ15:18 – 16:50शुभ
अमृत16:50 – 18:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:21 – 19:50सामान्य
रोग19:50 – 21:18टालें
काल21:18 – 22:46टालें
लाभ22:46 – 00:14शुभ
उद्वेग00:14 – 01:42टालें
शुभ01:42 – 03:10शुभ
अमृत03:10 – 04:38शुभ
चर04:38 – 06:06सामान्य

30 मार्च 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 07:10 तक
शुक्ल त्रयोदशी 06:56, 31 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 14:48 तक
पूर्वा फाल्गुनी 15:21, 31 मार्च तक
योग
शूलअशुभ 16:51 तक
गंडअशुभ 15:41, 31 मार्च तक
करण
बालव 07:10 तक
कौलव 19:00 तक
तैतिल 06:56, 31 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:07
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
16:10
चंद्रास्त
04:07
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
07:39 – 09:11
यमगंड
10:42 – 12:14
गुलिक काल
13:46 – 15:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0707:08दिन
शनि07:0808:09दिन
गुरु08:0909:11दिन
मंगल09:1110:12दिन
सूर्य10:1211:13दिन
शुक्र11:1312:14दिन
बुध12:1413:15दिन
चंद्र13:1514:17दिन
शनि14:1715:18दिन
गुरु15:1816:19दिन
मंगल16:1917:20दिन
सूर्य17:2018:21दिन
शुक्र18:2119:20रात
बुध19:2020:19रात
चंद्र20:1921:18रात
शनि21:1822:16रात
गुरु22:1623:15रात
मंगल23:1500:14रात
सूर्य00:1401:13रात
शुक्र01:1302:11रात
बुध02:1103:10रात
चंद्र03:1004:09रात
शनि04:0905:07रात
गुरु05:0706:06रात

अयनांश 24.2236° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।