26 अक्टूबर 2026 को नेल्लोर का चौघड़िया

सोमवार, 26 अक्टूबर 2026, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (09:41 तक), नक्षत्र अश्विनी (17:41 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 07:31 से 08:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:03 – 17:44
रात 06:03 तक
तिथि
पूर्णिमा, 09:41 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
अश्विनी, 17:41 तक
भरणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:03 – 07:31शुभ
काल07:31 – 08:58टालें
शुभ08:58 – 10:26शुभ
रोग10:26 – 11:53टालें
उद्वेग11:53 – 13:21टालें
चर13:21 – 14:49सामान्य
लाभ14:49 – 16:16शुभ
अमृत16:16 – 17:44शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:44 – 19:16सामान्य
रोग19:16 – 20:49टालें
काल20:49 – 22:21टालें
लाभ22:21 – 23:54शुभ
उद्वेग23:54 – 01:26टालें
शुभ01:26 – 02:58शुभ
अमृत02:58 – 04:31शुभ
चर04:31 – 06:03सामान्य

26 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
पूर्णिमा 09:41 तक
कृष्ण प्रतिपदा 07:02, 27 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
भरणी 15:39, 27 अक्टू॰ तक
योग
वज्रअशुभ 14:17 तक
सिद्धि 10:53, 27 अक्टू॰ तक
करण
बव 09:41 तक
बालव 20:24 तक
कौलव 07:02, 27 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
17:45
चंद्रास्त
05:55
दिनमान
11h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:30 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
07:31 – 08:58
यमगंड
10:26 – 11:53
गुलिक काल
13:21 – 14:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0307:01दिन
शनि07:0108:00दिन
गुरु08:0008:58दिन
मंगल08:5809:57दिन
सूर्य09:5710:55दिन
शुक्र10:5511:53दिन
बुध11:5312:52दिन
चंद्र12:5213:50दिन
शनि13:5014:49दिन
गुरु14:4915:47दिन
मंगल15:4716:45दिन
सूर्य16:4517:44दिन
शुक्र17:4418:46रात
बुध18:4619:47रात
चंद्र19:4720:49रात
शनि20:4921:50रात
गुरु21:5022:52रात
मंगल22:5223:54रात
सूर्य23:5400:55रात
शुक्र00:5501:57रात
बुध01:5702:58रात
चंद्र02:5804:00रात
शनि04:0005:02रात
गुरु05:0206:03रात

अयनांश 24.2317° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।