16 मार्च 2027 को नेल्लोर का चौघड़िया

मंगलवार, 16 मार्च 2027, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 16 मार्च 2027 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (08:54 तक), नक्षत्र मृगशिरा (08:13 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:17 पर और सूर्यास्त 18:20 पर है। राहुकाल 15:19 से 16:50 तक है।

दिन और रात
दिन 06:17 – 18:20
रात 06:16 तक
तिथि
नवमी
नक्षत्र
आर्द्रा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:17 – 07:47टालें
उद्वेग07:47 – 09:18टालें
चर09:18 – 10:48सामान्य
लाभ10:48 – 12:18शुभ
अमृत12:18 – 13:49शुभ
काल13:49 – 15:19टालें
शुभ15:19 – 16:50शुभ
रोग16:50 – 18:20टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:20 – 19:49टालें
लाभ19:49 – 21:19शुभ
उद्वेग21:19 – 22:49टालें
शुभ22:49 – 00:18शुभ
अमृत00:18 – 01:48शुभ
चर01:48 – 03:17सामान्य
रोग03:17 – 04:47टालें
काल04:47 – 06:16टालें

16 मार्च 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 08:54 तक
शुक्ल नवमी 06:44, 17 मार्च तक
नक्षत्र
आर्द्रा 06:45, 17 मार्च तक
योग
आयुष्मान 11:50 तक
सौभाग्य 08:53, 17 मार्च तक
करण
बव 08:54 तक
बालव 19:51 तक
कौलव 06:44, 17 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:17
सूर्यास्त
18:20
चंद्रोदय
12:20
चंद्रास्त
00:52
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:29
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
15:19 – 16:50
यमगंड
09:18 – 10:48
गुलिक काल
12:18 – 13:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1707:17दिन
सूर्य07:1708:17दिन
शुक्र08:1709:18दिन
बुध09:1810:18दिन
चंद्र10:1811:18दिन
शनि11:1812:18दिन
गुरु12:1813:19दिन
मंगल13:1914:19दिन
सूर्य14:1915:19दिन
शुक्र15:1916:19दिन
बुध16:1917:20दिन
चंद्र17:2018:20दिन
शनि18:2019:20रात
गुरु19:2020:19रात
मंगल20:1921:19रात
सूर्य21:1922:19रात
शुक्र22:1923:18रात
बुध23:1800:18रात
चंद्र00:1801:18रात
शनि01:1802:17रात
गुरु02:1703:17रात
मंगल03:1704:17रात
सूर्य04:1705:17रात
शुक्र05:1706:16रात

अयनांश 24.2371° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।