1 अक्टूबर 2028 को नेल्लोर का चौघड़िया

रविवार, 1 अक्टूबर 2028, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 1 अक्टूबर 2028 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (17:05 तक), नक्षत्र शतभिषा (15:57 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 16:29 से 17:59 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 17:59
रात 05:59 तक
तिथि
त्रयोदशी, 17:05 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
शतभिषा, 15:57 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:59 – 07:29टालें
चर07:29 – 08:59सामान्य
लाभ08:59 – 10:29शुभ
अमृत10:29 – 11:59शुभ
काल11:59 – 13:29टालें
शुभ13:29 – 14:59शुभ
रोग14:59 – 16:29टालें
उद्वेग16:29 – 17:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:59 – 19:29शुभ
अमृत19:29 – 20:59शुभ
चर20:59 – 22:29सामान्य
रोग22:29 – 23:59टालें
काल23:59 – 01:29टालें
लाभ01:29 – 02:59शुभ
उद्वेग02:59 – 04:29टालें
शुभ04:29 – 05:59शुभ

1 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 17:05 तक
शुक्ल चतुर्दशी 19:34, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 15:57 तक
पूर्वा भाद्रपद 18:56, 2 अक्टू॰ तक
योग
शूलअशुभ 07:31 तक
गंडअशुभ 08:27, 2 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 17:05 तक
गर 06:20, 2 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
16:26
चंद्रास्त
03:58
दिनमान
12h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:23

अशुभ समय

राहुकाल
16:29 – 17:59
यमगंड
11:59 – 13:29
गुलिक काल
14:59 – 16:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5906:59दिन
शुक्र06:5907:59दिन
बुध07:5908:59दिन
चंद्र08:5909:59दिन
शनि09:5910:59दिन
गुरु10:5911:59दिन
मंगल11:5912:59दिन
सूर्य12:5913:59दिन
शुक्र13:5914:59दिन
बुध14:5915:59दिन
चंद्र15:5916:59दिन
शनि16:5917:59दिन
गुरु17:5918:59रात
मंगल18:5919:59रात
सूर्य19:5920:59रात
शुक्र20:5921:59रात
बुध21:5922:59रात
चंद्र22:5923:59रात
शनि23:5900:59रात
गुरु00:5901:59रात
मंगल01:5902:59रात
सूर्य02:5903:59रात
शुक्र03:5904:59रात
बुध04:5905:59रात

अयनांश 24.2587° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।