6 अक्टूबर 2028 को नेल्लोर का चौघड़िया

शुक्रवार, 6 अक्टूबर 2028, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 6 अक्टूबर 2028 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (03:35, 7 अक्टू॰ तक), नक्षत्र भरणी (05:03, 7 अक्टू॰ तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 10:28 से 11:57 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 17:55
रात 06:00 तक
तिथि
तृतीया, 03:35 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
भरणी, 05:03 तक
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:00 – 07:29सामान्य
लाभ07:29 – 08:59शुभ
अमृत08:59 – 10:28शुभ
काल10:28 – 11:57टालें
शुभ11:57 – 13:27शुभ
रोग13:27 – 14:56टालें
उद्वेग14:56 – 16:26टालें
चर16:26 – 17:55सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:55 – 19:26टालें
काल19:26 – 20:56टालें
लाभ20:56 – 22:27शुभ
उद्वेग22:27 – 23:58टालें
शुभ23:58 – 01:28शुभ
अमृत01:28 – 02:59शुभ
चर02:59 – 04:29सामान्य
रोग04:29 – 06:00टालें

6 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 03:35, 7 अक्टू॰ तक
कृष्ण चतुर्थी 04:51, 8 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
भरणी 05:03, 7 अक्टू॰ तक
कृत्तिका 06:52, 8 अक्टू॰ तक
योग
हर्षण 10:59 तक
वज्रअशुभ 11:07, 7 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 14:49 तक
विष्टि (भद्रा) 03:35, 7 अक्टू॰ तक
बव 16:16, 7 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
19:33
चंद्रास्त
07:53
दिनमान
11h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
10:28 – 11:57
यमगंड
14:56 – 16:26
गुलिक काल
07:29 – 08:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0006:59दिन
बुध06:5907:59दिन
चंद्र07:5908:59दिन
शनि08:5909:58दिन
गुरु09:5810:58दिन
मंगल10:5811:57दिन
सूर्य11:5712:57दिन
शुक्र12:5713:57दिन
बुध13:5714:56दिन
चंद्र14:5615:56दिन
शनि15:5616:56दिन
गुरु16:5617:55दिन
मंगल17:5518:56रात
सूर्य18:5619:56रात
शुक्र19:5620:56रात
बुध20:5621:57रात
चंद्र21:5722:57रात
शनि22:5723:58रात
गुरु23:5800:58रात
मंगल00:5801:58रात
सूर्य01:5802:59रात
शुक्र02:5903:59रात
बुध03:5904:59रात
चंद्र04:5906:00रात

अयनांश 24.2589° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।