4 जनवरी 2029 को नेल्लोर का चौघड़िया

गुरुवार, 4 जनवरी 2029, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 4 जनवरी 2029 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (14:49 तक), नक्षत्र मघा (23:43 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 13:39 से 15:04 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 17:54
रात 06:36 तक
तिथि
चतुर्थी, 14:49 तक
पंचमी
नक्षत्र
मघा, 23:43 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:35 – 08:00शुभ
रोग08:00 – 09:25टालें
उद्वेग09:25 – 10:50टालें
चर10:50 – 12:15सामान्य
लाभ12:15 – 13:39शुभ
अमृत13:39 – 15:04शुभ
काल15:04 – 16:29टालें
शुभ16:29 – 17:54शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:54 – 19:29शुभ
चर19:29 – 21:04सामान्य
रोग21:04 – 22:39टालें
काल22:39 – 00:15टालें
लाभ00:15 – 01:50शुभ
उद्वेग01:50 – 03:25टालें
शुभ03:25 – 05:00शुभ
अमृत05:00 – 06:36शुभ

4 जनवरी 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 14:49 तक
कृष्ण पंचमी 12:31, 5 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 23:43 तक
योग
प्रीति 12:37 तक
आयुष्मान 09:31, 5 जन॰ तक
करण
बालव 14:49 तक
कौलव 01:40, 5 जन॰ तक
तैतिल 12:31, 5 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
21:33
चंद्रास्त
09:21
दिनमान
11h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
13:39 – 15:04
यमगंड
06:35 – 08:00
गुलिक काल
09:25 – 10:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3507:32दिन
मंगल07:3208:28दिन
सूर्य08:2809:25दिन
शुक्र09:2510:22दिन
बुध10:2211:18दिन
चंद्र11:1812:15दिन
शनि12:1513:11दिन
गुरु13:1114:08दिन
मंगल14:0815:04दिन
सूर्य15:0416:01दिन
शुक्र16:0116:57दिन
बुध16:5717:54दिन
चंद्र17:5418:57रात
शनि18:5720:01रात
गुरु20:0121:04रात
मंगल21:0422:08रात
सूर्य22:0823:11रात
शुक्र23:1100:15रात
बुध00:1501:18रात
चंद्र01:1802:22रात
शनि02:2203:25रात
गुरु03:2504:29रात
मंगल04:2905:32रात
सूर्य05:3206:36रात

अयनांश 24.2623° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।