12 मार्च 2029 को नेल्लोर का चौघड़िया

सोमवार, 12 मार्च 2029, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 12 मार्च 2029 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (05:30, 13 मार्च तक), नक्षत्र श्रवण (07:36 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 18:19 पर है। राहुकाल 07:49 से 09:19 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 18:19
रात 06:19 तक
तिथि
त्रयोदशी, 05:30 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:19 – 07:49शुभ
काल07:49 – 09:19टालें
शुभ09:19 – 10:49शुभ
रोग10:49 – 12:19टालें
उद्वेग12:19 – 13:49टालें
चर13:49 – 15:19सामान्य
लाभ15:19 – 16:49शुभ
अमृत16:49 – 18:19शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:19 – 19:49सामान्य
रोग19:49 – 21:19टालें
काल21:19 – 22:49टालें
लाभ22:49 – 00:19शुभ
उद्वेग00:19 – 01:49टालें
शुभ01:49 – 03:19शुभ
अमृत03:19 – 04:49शुभ
चर04:49 – 06:19सामान्य

12 मार्च 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 05:30, 13 मार्च तक
कृष्ण चतुर्दशी 07:33, 14 मार्च तक
नक्षत्र
श्रवण 07:36 तक
धनिष्ठा 09:57, 13 मार्च तक
योग
शिव 18:11 तक
सिद्ध 18:37, 13 मार्च तक
करण
गर 16:34 तक
वणिज 05:30, 13 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 18:30, 13 मार्च तक
चंद्र राशि
मकर 20:44 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
18:19
चंद्रोदय
04:14
चंद्रास्त
16:09
दिनमान
12h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:31
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
07:49 – 09:19
यमगंड
10:49 – 12:19
गुलिक काल
13:49 – 15:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1907:19दिन
शनि07:1908:19दिन
गुरु08:1909:19दिन
मंगल09:1910:19दिन
सूर्य10:1911:19दिन
शुक्र11:1912:19दिन
बुध12:1913:19दिन
चंद्र13:1914:19दिन
शनि14:1915:19दिन
गुरु15:1916:19दिन
मंगल16:1917:19दिन
सूर्य17:1918:19दिन
शुक्र18:1919:19रात
बुध19:1920:19रात
चंद्र20:1921:19रात
शनि21:1922:19रात
गुरु22:1923:19रात
मंगल23:1900:19रात
सूर्य00:1901:19रात
शुक्र01:1902:19रात
बुध02:1903:19रात
चंद्र03:1904:19रात
शनि04:1905:19रात
गुरु05:1906:19रात

अयनांश 24.2649° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।