15 अक्टूबर 2029 को नेल्लोर का चौघड़िया

सोमवार, 15 अक्टूबर 2029, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 15 अक्टूबर 2029 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (04:38, 16 अक्टू॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (16:17 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 17:50 पर है। राहुकाल 07:29 से 08:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 17:50
रात 06:01 तक
तिथि
नवमी, 04:38 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 16:17 तक
श्रवण
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:01 – 07:29शुभ
काल07:29 – 08:58टालें
शुभ08:58 – 10:27शुभ
रोग10:27 – 11:55टालें
उद्वेग11:55 – 13:24टालें
चर13:24 – 14:52सामान्य
लाभ14:52 – 16:21शुभ
अमृत16:21 – 17:50शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:50 – 19:21सामान्य
रोग19:21 – 20:52टालें
काल20:52 – 22:24टालें
लाभ22:24 – 23:55शुभ
उद्वेग23:55 – 01:27टालें
शुभ01:27 – 02:58शुभ
अमृत02:58 – 04:30शुभ
चर04:30 – 06:01सामान्य

15 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल नवमी 04:38, 16 अक्टू॰ तक
शुक्ल दशमी 05:23, 17 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 17:22, 16 अक्टू॰ तक
योग
सुकर्मा 08:06 तक
धृति 07:11, 16 अक्टू॰ तक
करण
बालव 16:29 तक
कौलव 04:38, 16 अक्टू॰ तक
तैतिल 16:56, 16 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
17:50
चंद्रोदय
13:08
चंद्रास्त
00:02
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:12
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:19

अशुभ समय

राहुकाल
07:29 – 08:58
यमगंड
10:27 – 11:55
गुलिक काल
13:24 – 14:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0107:00दिन
शनि07:0007:59दिन
गुरु07:5908:58दिन
मंगल08:5809:57दिन
सूर्य09:5710:56दिन
शुक्र10:5611:55दिन
बुध11:5512:54दिन
चंद्र12:5413:53दिन
शनि13:5314:52दिन
गुरु14:5215:52दिन
मंगल15:5216:51दिन
सूर्य16:5117:50दिन
शुक्र17:5018:51रात
बुध18:5119:52रात
चंद्र19:5220:52रात
शनि20:5221:53रात
गुरु21:5322:54रात
मंगल22:5423:55रात
सूर्य23:5500:56रात
शुक्र00:5601:57रात
बुध01:5702:58रात
चंद्र02:5803:59रात
शनि03:5905:00रात
गुरु05:0006:01रात

अयनांश 24.2732° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।