20 जनवरी 2000 को नई दिल्ली का चौघड़िया

गुरुवार, 20 जनवरी 2000, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 20 जनवरी 2000 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (13:33 तक), नक्षत्र आर्द्रा (07:37 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 07:14 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है। राहुकाल 13:51 से 15:10 तक है।

दिन और रात
दिन 07:14 – 17:49
रात 07:14 तक
तिथि
चतुर्दशी, 13:33 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
पुनर्वसु, 04:57 तक
पुष्य
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 जनवरी 2000 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:14 – 08:33शुभ
रोग08:33 – 09:53टालें
उद्वेग09:53 – 11:12टालें
चर11:12 – 12:32सामान्य
लाभ12:32 – 13:51शुभ
अमृत13:51 – 15:10शुभ
काल15:10 – 16:30टालें
शुभ16:30 – 17:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:49 – 19:30शुभ
चर19:30 – 21:10सामान्य
रोग21:10 – 22:51टालें
काल22:51 – 00:31टालें
लाभ00:31 – 02:12शुभ
उद्वेग02:12 – 03:53टालें
शुभ03:53 – 05:33शुभ
अमृत05:33 – 07:14शुभ

20 जनवरी 2000 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 13:33 तक
पूर्णिमा 10:10, 21 जन॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 04:57, 21 जन॰ तक
पुष्य 02:28, 22 जन॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 14:25 तक
विष्कंभअशुभ 10:25, 21 जन॰ तक
करण
वणिज 13:33 तक
विष्टि (भद्रा) 23:50 तक
बव 10:10, 21 जन॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 23:36 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:14
सूर्यास्त
17:49
चंद्रोदय
17:02
चंद्रास्त
06:09
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2056
शक संवत
1921, प्रमाथी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:26 – 06:20
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
13:51 – 15:10
यमगंड
07:14 – 08:33
गुलिक काल
09:53 – 11:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:1408:07दिन
मंगल08:0709:00दिन
सूर्य09:0009:53दिन
शुक्र09:5310:46दिन
बुध10:4611:39दिन
चंद्र11:3912:32दिन
शनि12:3213:25दिन
गुरु13:2514:17दिन
मंगल14:1715:10दिन
सूर्य15:1016:03दिन
शुक्र16:0316:56दिन
बुध16:5617:49दिन
चंद्र17:4918:56रात
शनि18:5620:03रात
गुरु20:0321:10रात
मंगल21:1022:17रात
सूर्य22:1723:24रात
शुक्र23:2400:31रात
बुध00:3101:38रात
चंद्र01:3802:45रात
शनि02:4503:53रात
गुरु03:5305:00रात
मंगल05:0006:07रात
सूर्य06:0707:14रात

अयनांश 23.8578° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।