13 मार्च 2000 को नई दिल्ली का चौघड़िया

सोमवार, 13 मार्च 2000, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 13 मार्च 2000 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (23:26 तक), नक्षत्र मृगशिरा (01:14, 14 मार्च तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 18:28 पर है। राहुकाल 08:02 से 09:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 18:28
रात 06:32 तक
तिथि
अष्टमी, 23:26 तक
नवमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 01:14 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 मार्च 2000 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:33 – 08:02शुभ
काल08:02 – 09:31टालें
शुभ09:31 – 11:01शुभ
रोग11:01 – 12:30टालें
उद्वेग12:30 – 14:00टालें
चर14:00 – 15:29सामान्य
लाभ15:29 – 16:59शुभ
अमृत16:59 – 18:28शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:28 – 19:58सामान्य
रोग19:58 – 21:29टालें
काल21:29 – 22:59टालें
लाभ22:59 – 00:30शुभ
उद्वेग00:30 – 02:00टालें
शुभ02:00 – 03:31शुभ
अमृत03:31 – 05:01शुभ
चर05:01 – 06:32सामान्य

13 मार्च 2000 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 23:26 तक
शुक्ल नवमी 21:20, 14 मार्च तक
नक्षत्र
मृगशिरा 01:14, 14 मार्च तक
आर्द्रा 23:51, 14 मार्च तक
योग
प्रीति 09:52 तक
आयुष्मान 07:01, 14 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:28 तक
बव 23:26 तक
बालव 10:23, 14 मार्च तक
चंद्र राशि
वृषभ 13:55 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
11:39
चंद्रास्त
00:41
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2056
शक संवत
1921, प्रमाथी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:44
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
08:02 – 09:31
यमगंड
11:01 – 12:30
गुलिक काल
14:00 – 15:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3307:32दिन
शनि07:3208:32दिन
गुरु08:3209:31दिन
मंगल09:3110:31दिन
सूर्य10:3111:31दिन
शुक्र11:3112:30दिन
बुध12:3013:30दिन
चंद्र13:3014:30दिन
शनि14:3015:29दिन
गुरु15:2916:29दिन
मंगल16:2917:28दिन
सूर्य17:2818:28दिन
शुक्र18:2819:28रात
बुध19:2820:29रात
चंद्र20:2921:29रात
शनि21:2922:29रात
गुरु22:2923:29रात
मंगल23:2900:30रात
सूर्य00:3001:30रात
शुक्र01:3002:30रात
बुध02:3003:31रात
चंद्र03:3104:31रात
शनि04:3105:31रात
गुरु05:3106:32रात

अयनांश 23.8598° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।