22 मई 2000 को नई दिल्ली का चौघड़िया

सोमवार, 22 मई 2000, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 22 मई 2000 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (21:52 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (23:13 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 19:09 पर है। राहुकाल 07:09 से 08:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 19:09
रात 05:26 तक
तिथि
चतुर्थी, 21:52 तक
पंचमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 23:13 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 मई 2000 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:26 – 07:09शुभ
काल07:09 – 08:52टालें
शुभ08:52 – 10:35शुभ
रोग10:35 – 12:17टालें
उद्वेग12:17 – 14:00टालें
चर14:00 – 15:43सामान्य
लाभ15:43 – 17:26शुभ
अमृत17:26 – 19:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:09 – 20:26सामान्य
रोग20:26 – 21:43टालें
काल21:43 – 23:00टालें
लाभ23:00 – 00:17शुभ
उद्वेग00:17 – 01:34टालें
शुभ01:34 – 02:52शुभ
अमृत02:52 – 04:09शुभ
चर04:09 – 05:26सामान्य

22 मई 2000 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 21:52 तक
कृष्ण पंचमी 00:27, 24 मई तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 02:20, 24 मई तक
योग
शुभ 02:52, 23 मई तक
शुक्ल 03:56, 24 मई तक
करण
बव 08:34 तक
बालव 21:52 तक
कौलव 11:10, 23 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
19:09
चंद्रोदय
22:35
चंद्रास्त
08:27
दिनमान
13h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2057
शक संवत
1922, विक्रम संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:45
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
07:09 – 08:52
यमगंड
10:35 – 12:17
गुलिक काल
14:00 – 15:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2606:35दिन
शनि06:3507:43दिन
गुरु07:4308:52दिन
मंगल08:5210:00दिन
सूर्य10:0011:09दिन
शुक्र11:0912:17दिन
बुध12:1713:26दिन
चंद्र13:2614:34दिन
शनि14:3415:43दिन
गुरु15:4316:52दिन
मंगल16:5218:00दिन
सूर्य18:0019:09दिन
शुक्र19:0920:00रात
बुध20:0020:51रात
चंद्र20:5121:43रात
शनि21:4322:34रात
गुरु22:3423:26रात
मंगल23:2600:17रात
सूर्य00:1701:09रात
शुक्र01:0902:00रात
बुध02:0002:52रात
चंद्र02:5203:43रात
शनि03:4304:34रात
गुरु04:3405:26रात

अयनांश 23.8625° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।