17 अगस्त 2000 को नई दिल्ली का चौघड़िया

गुरुवार, 17 अगस्त 2000, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 17 अगस्त 2000 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (13:39 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (05:53, 18 अग॰ तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:51 पर और सूर्यास्त 18:58 पर है। राहुकाल 14:03 से 15:41 तक है।

दिन और रात
दिन 05:51 – 18:58
रात 05:52 तक
तिथि
द्वितीया, 13:39 तक
तृतीया
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अगस्त 2000 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:51 – 07:29शुभ
रोग07:29 – 09:08टालें
उद्वेग09:08 – 10:46टालें
चर10:46 – 12:24सामान्य
लाभ12:24 – 14:03शुभ
अमृत14:03 – 15:41शुभ
काल15:41 – 17:20टालें
शुभ17:20 – 18:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:58 – 20:20शुभ
चर20:20 – 21:41सामान्य
रोग21:41 – 23:03टालें
काल23:03 – 00:25टालें
लाभ00:25 – 01:46शुभ
उद्वेग01:46 – 03:08टालें
शुभ03:08 – 04:30शुभ
अमृत04:30 – 05:52शुभ

17 अगस्त 2000 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 13:39 तक
कृष्ण तृतीया 14:28, 18 अग॰ तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद 05:53, 18 अग॰ तक
योग
सुकर्मा 03:13, 18 अग॰ तक
धृति 02:40, 19 अग॰ तक
करण
गर 13:39 तक
वणिज 02:07, 18 अग॰ तक
विष्टि (भद्रा) 14:28, 18 अग॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 23:31 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
18:58
चंद्रोदय
20:30
चंद्रास्त
07:29
दिनमान
13h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2057
शक संवत
1922, विक्रम संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
14:03 – 15:41
यमगंड
05:51 – 07:29
गुलिक काल
09:08 – 10:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5106:57दिन
मंगल06:5708:02दिन
सूर्य08:0209:08दिन
शुक्र09:0810:13दिन
बुध10:1311:19दिन
चंद्र11:1912:24दिन
शनि12:2413:30दिन
गुरु13:3014:36दिन
मंगल14:3615:41दिन
सूर्य15:4116:47दिन
शुक्र16:4717:52दिन
बुध17:5218:58दिन
चंद्र18:5819:52रात
शनि19:5220:47रात
गुरु20:4721:41रात
मंगल21:4122:36रात
सूर्य22:3623:30रात
शुक्र23:3000:25रात
बुध00:2501:19रात
चंद्र01:1902:14रात
शनि02:1403:08रात
गुरु03:0804:03रात
मंगल04:0304:57रात
सूर्य04:5705:52रात

अयनांश 23.8658° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।