16 अगस्त 2000 को नई दिल्ली का चौघड़िया

बुधवार, 16 अगस्त 2000, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 16 अगस्त 2000 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (12:23 तक), नक्षत्र शतभिषा (04:16, 17 अग॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:50 पर और सूर्यास्त 18:59 पर है। राहुकाल 12:25 से 14:03 तक है।

दिन और रात
दिन 05:50 – 18:59
रात 05:51 तक
तिथि
प्रतिपदा, 12:23 तक
द्वितीया
नक्षत्र
शतभिषा, 04:16 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अगस्त 2000 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:50 – 07:29शुभ
अमृत07:29 – 09:08शुभ
काल09:08 – 10:46टालें
शुभ10:46 – 12:25शुभ
रोग12:25 – 14:03टालें
उद्वेग14:03 – 15:42टालें
चर15:42 – 17:20सामान्य
लाभ17:20 – 18:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:59 – 20:20टालें
शुभ20:20 – 21:42शुभ
अमृत21:42 – 23:03शुभ
चर23:03 – 00:25सामान्य
रोग00:25 – 01:46टालें
काल01:46 – 03:08टालें
लाभ03:08 – 04:29शुभ
उद्वेग04:29 – 05:51टालें

16 अगस्त 2000 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 12:23 तक
कृष्ण द्वितीया 13:39, 17 अग॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 04:16, 17 अग॰ तक
पूर्वा भाद्रपद 05:53, 18 अग॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 03:24, 17 अग॰ तक
सुकर्मा 03:13, 18 अग॰ तक
करण
कौलव 12:23 तक
तैतिल 01:04, 17 अग॰ तक
गर 13:39, 17 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:50
सूर्यास्त
18:59
चंद्रोदय
19:55
चंद्रास्त
06:35
दिनमान
13h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2057
शक संवत
1922, विक्रम संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:51 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:25 – 14:03
यमगंड
07:29 – 09:08
गुलिक काल
10:46 – 12:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5006:56दिन
चंद्र06:5608:02दिन
शनि08:0209:08दिन
गुरु09:0810:13दिन
मंगल10:1311:19दिन
सूर्य11:1912:25दिन
शुक्र12:2513:30दिन
बुध13:3014:36दिन
चंद्र14:3615:42दिन
शनि15:4216:48दिन
गुरु16:4817:53दिन
मंगल17:5318:59दिन
सूर्य18:5919:53रात
शुक्र19:5320:48रात
बुध20:4821:42रात
चंद्र21:4222:36रात
शनि22:3623:31रात
गुरु23:3100:25रात
मंगल00:2501:19रात
सूर्य01:1902:14रात
शुक्र02:1403:08रात
बुध03:0804:02रात
चंद्र04:0204:57रात
शनि04:5705:51रात

अयनांश 23.8658° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।