25 अक्टूबर 2000 को नई दिल्ली का चौघड़िया

बुधवार, 25 अक्टूबर 2000, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 25 अक्टूबर 2000 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (15:26 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (07:42 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 12:05 से 13:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 17:41
रात 06:28 तक
तिथि
त्रयोदशी, 15:26 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
हस्त
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अक्टूबर 2000 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:28 – 07:52शुभ
अमृत07:52 – 09:16शुभ
काल09:16 – 10:40टालें
शुभ10:40 – 12:05शुभ
रोग12:05 – 13:29टालें
उद्वेग13:29 – 14:53टालें
चर14:53 – 16:17सामान्य
लाभ16:17 – 17:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:41 – 19:17टालें
शुभ19:17 – 20:53शुभ
अमृत20:53 – 22:29शुभ
चर22:29 – 00:05सामान्य
रोग00:05 – 01:41टालें
काल01:41 – 03:17टालें
लाभ03:17 – 04:53शुभ
उद्वेग04:53 – 06:28टालें

25 अक्टूबर 2000 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 15:26 तक
कृष्ण चतुर्दशी 14:14, 26 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 07:05, 26 अक्टू॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 03:07, 26 अक्टू॰ तक
विष्कंभअशुभ 01:10, 27 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 15:26 तक
विष्टि (भद्रा) 02:47, 26 अक्टू॰ तक
शकुनि 14:14, 26 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
04:13
चंद्रास्त
16:47
दिनमान
11h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2057
शक संवत
1922, विक्रम संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:37
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:27 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:05 – 13:29
यमगंड
07:52 – 09:16
गुलिक काल
10:40 – 12:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2807:24दिन
चंद्र07:2408:20दिन
शनि08:2009:16दिन
गुरु09:1610:12दिन
मंगल10:1211:08दिन
सूर्य11:0812:05दिन
शुक्र12:0513:01दिन
बुध13:0113:57दिन
चंद्र13:5714:53दिन
शनि14:5315:49दिन
गुरु15:4916:45दिन
मंगल16:4517:41दिन
सूर्य17:4118:45रात
शुक्र18:4519:49रात
बुध19:4920:53रात
चंद्र20:5321:57रात
शनि21:5723:01रात
गुरु23:0100:05रात
मंगल00:0501:09रात
सूर्य01:0902:13रात
शुक्र02:1303:17रात
बुध03:1704:21रात
चंद्र04:2105:25रात
शनि05:2506:28रात

अयनांश 23.8684° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।